डॉ मोहन भागवत के हाथों डॉ सदानंद जी महाराज सम्मानित

 

राष्ट्र निर्माण में उत्कृष्ट योगदान हेतु स्वामी डॉ सदानंद जी महाराज को सर संघचालक डॉ मोहन भागवत ने किया सम्मानित 

टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत के सिलीगुड़ी प्रवास के दौरान आध्यात्मिक बैठक संपन्न हुई। डॉ भागवत ने श्री कृष्ण प्रणामी विश्व परिषद् के अध्यक्ष एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के संस्थापक संत शिरोमणि परमहंस डॉ स्वामी श्री 108 सदानंद महाराज से भेंट कर राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान की सराहना की। 

इस दौरान  सरसंघचालक ने स्वामी सदानंद महाराज को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। यह सम्मान स्वामी जी ने गो-सेवा, स्वास्थ्य (चिकित्सा), शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने के लिए किये जा रहे निरंतर प्रयासों के प्रति कृतज्ञता स्वरूप दिया। 

श्रीकृष्ण प्रणामी विश्व परिषद के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रवक्ता डॉ मुरलीधर शास्त्री ने बताया कि दोनों विभूतियों के बीच हुई इस आध्यात्मिक चर्चा में विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई, जिसमें राष्ट्र निर्माण में सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता की अनिवार्य भूमिका, मानव कल्याण और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के लिए सनातन मूल्यों को आधुनिक समाज से जोड़ा, वर्तमान सामाजिक संकटों के समाधान हेतु आध्यात्मिक मार्गदर्शन की आवश्यकता पर विस्तृत चर्चा हुई। 

स्वामी सदानंद महाराज ने जिस प्रकार शिक्षा और चिकित्सा को सेवा का माध्यम बनाकर समाज को संस्कारित किया है, वह राष्ट्र निर्माण की नींव है। डॉ भागवत के हाथों उन्हें सम्मानित किया जाना यह संदेश देता है कि जब आध्यात्मिक अधिष्ठान और सेवा का संकल्प एक होते हैं, तो भारत को परम वैभव पर पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता। समाज में नैतिकता, सद्भाव और सेवा भावना को मजबूत करने में आध्यात्मिक चिंतन की अहम भूमिका है। 

यह मुलाकात ना केवल पश्चिम बंगाल, बल्कि पूरे देश में सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित होगा। स्वामी डॉ सदानंद महाराज ने 8 हजार जरूरतमंद परिवार की कन्याओं का सामूहिक विवाह जैसा पुनीत कार्य अपने कर कमलों से पूर्ण किया है। गौवंश संरक्षण के लिए लगभग 118 गौशालाओं के निर्माण कार्य से 80 हजार बेसहारा गायों व नंदियों को आश्रय देने का पुण्य कार्य किया है। 

स्वामी जी के तत्वावधान में एक लाख पौधों का रोपण भी किया जा चुका है। यही नहीं एक लाख 25 हजार पोलियोग्रस्त रोगियां का निरीक्षण करके 35 हजार पोलियों रोगियों का आॅप्रेशन के अलावा 45 हजार कैलीपर्स वितरण कर मानव सेवा के अग्रदूत कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। यही नहीं स्वामी सदानंद महाराज द्वारा भारतीय सेना, थैलीसीमिया व कैंसर पीड़ितों के लिए 121 रक्तदान शिविरों के माध्यम से 19 हजार 500 यूनिट रक्त एकत्रित करके भी मानवता की सेवा की जा चुकी है। 

श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट झारखंड के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि स्वामी सदानंद महाराज ने समाज में बेसहारा, मंदबुद्धि व्यक्तियों के लिए रांची झारखंड सहित सदगुरू कृपा अपना घर आश्रम की भी विभिन्न आश्रमों की स्थापना की और उनके भोजन एवं दवाइयों की व्यवस्था का सदप्रयास भी किया है। उन्होंने नारी शक्ति के उत्थान के लिए विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों का भी शुभारंभ किया है। 

प्रधानमंत्री के आह्वान पर स्वामी जी ने भारत को टीबी मुक्त अभियान के तहत 200 मरीजों को गोद लिया और उनका ईलाज करवाया। कोविड-19 महामारी के दौरान स्वामी जी ने जनकल्यण के भारत सरकार को एक करोड़ 25 लाख 25 हजार 525 रुपये तथा राज्यों में  हरियाणा, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल को 11-11 लख रुपये का आर्थिक सहयोग भी किया था। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट झारखंड के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने दी। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट, झारखंड प्रदेश के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।

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