कश्मीरी छात्रा सेंट ज़ेवियर कॉलेज, रांची में वैन विंकल मेमोरियल अवॉर्ड से सम्मानित

 

एबीएन कैरियर डेस्क। श्रीनगर की एक कश्मीरी छात्रा और सेंट ज़ेवियर कॉलेज, रांची के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग की पास-आउट छात्रा बरूज को प्रतिष्ठित फ्रॉ. एस. वैन विंकल मेमोरियल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। 

उन्हें यह सम्मान ₹5,000 की नकद राशि के साथ प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उन्हें सेमेस्टर I से VI तक सर्वाधिक समग्र अंक प्राप्त करने हाइएस्ट स्कोरर एवं एफिशिएंट स्टूडेंट बनने तथा शैक्षणिक सत्र 2022–2025 में विभागीय टॉपर रहने के लिए दिया गया।

यह पुरस्कार रांची विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डी. के. सिंह द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव श्री राजकुमार गुप्ता (आईएएस), रांची जेसुइट सोसाइटी के प्रांतीय सुपीरियर रेव. फादर अजीत कुमार ज़ेस, एसजे, तथा अन्य गणमान्य शिक्षाविद उपस्थित थे।

वैन विंकल मेमोरियल अवॉर्ड का नामकरण झारखंड के पहले अग्रणी फिल्मकार के नाम पर किया गया है, जिन्हें झारखंड के फाल्के के रूप में जाना जाता है। उन्होंने जात्रा मेला के शुरुआती सिनेमाई दृश्य रिकॉर्ड किए थे, जो आज झारखंड की फिल्मी यात्रा के सबसे पुराने अभिलेखों में गिने जाते हैं।

कभार मंत्रा से बातचीत में बरूज ने कहा कि यह सम्मान केवल अकादमिक अंकों की उपलब्धि नहीं, बल्कि उनकी समग्र शैक्षणिक यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने जनसंचार शिक्षा के अकादमिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि फैकल्टी की संख्या, व्यावहारिक एक्सपोज़र और शोध-आधारित शिक्षण को मज़बूत किया जाना चाहिए। 

उनके अनुसार, उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि बौद्धिक गहराई और आलोचनात्मक दृष्टि का विकास करना है। बरूज ने रटंत सैद्धांतिक शिक्षा से आगे बढ़ने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सूचना आसानी से उपलब्ध है।

इसलिए वास्तविक मूल्य शोध, बाज़ार की मांग के अनुरूप कौशल, गहन विश्लेषण, आलोचनात्मक चिंतन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास में निहित है। उन्होंने अपनी अकादमिक प्रगति का श्रेय डॉ. प्रो. नील कुसुम कुल्लू के मार्गदर्शन में किए गए शोध कार्य को दिया, जिसने मीडिया और शिक्षा को लेकर उनकी विश्लेषणात्मक समझ को सुदृढ़ किया।

इस अवसर पर प्रो. नील कुसुम कुल्लू ने बरूज के संघर्ष और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा, जिस प्रकार प्यासा हिरण जल के लिए व्याकुल होता है, आत्मा धर्म और सत्य के लिए संघर्ष करती है, और जीवन स्वतंत्रता के लिए जूझता है उसी प्रकार उसने भी निरंतर संघर्ष किया, जब तक कि उसने अपने कठोर परिश्रम के फल का स्वाद नहीं चख लिया।

शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बरूज ने CUET-PG 2025 में ऑल इंडिया रैंक 92 प्राप्त की और IIMC दिल्ली तथा जामिया मिलिया इस्लामिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश के लिए चयनित हुईं। हालांकि, उन्होंने क़ानून (लॉ) को अपने भविष्य के अध्ययन के रूप में चुना, क्योंकि उनके अनुसार यह विषय पत्रकारिता, समाज और सार्वजनिक विमर्श के साथ अधिक गहन और अंतःविषय जुड़ाव प्रदान करता है।

झारखंड में अपने शैक्षणिक सफर को याद करते हुए बरूज ने राज्य, उसके लोगों और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विविधता के प्रति गहरा स्नेह व्यक्त किया। उन्होंने अपने विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार किरो को झारखंड की सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विचारधाराओं से परिचित कराने के लिए धन्यवाद दिया। 

साथ ही उन्होंने हिंदी विभाग के अपने सीनियर सचिन कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने बड़े भाई की तरह उनका मार्गदर्शन किया, उन्हें कक्षा से बाहर की दुनिया से जोड़ा, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया और पूरे तीन वर्षों तक निरंतर नैतिक व भावनात्मक सहयोग प्रदान किया। उन्होंने कॉलेज प्रशासन का भी आभार जताया, जिसने बिहार और ओडिशा में उनकी शोध प्रस्तुतियों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की।

छात्रों के लिए संदेश देते हुए बरूज ने कहा कि छात्र किसी भी शैक्षणिक संस्था की आत्मा होते हैं। जब तक वह आत्मा अकादमिक और बौद्धिक रूप से सशक्त नहीं होगी, तब तक किसी भी व्यवस्था को दोष देना उचित नहीं है। विश्लेषणात्मक और वैज्ञानिक क्षमताएँ ही उच्च शिक्षा की वास्तविक नींव हैं।

अपने वक्तव्य के अंत में बरूज ने कहा कि यह पुरस्कार केवल अंकों की मान्यता नहीं, बल्कि उनकी समग्र सीखने की यात्रा का सम्मान है। उन्होंने झारखंड के पहले फिल्मकार के नाम पर सम्मानित किए जाने पर गहरी कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि यह सम्मान भविष्य में फिल्मकार बनने की उनकी आकांक्षा से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। ( i will share photo later )

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

Tranding

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse