विद्यार्थियों की पढ़ाई ही शिक्षकों की पहली प्राथमिकता : आयुक्त

 

  • विद्यार्थियों की पढ़ाई ही शिक्षकों की पहली प्राथमिकता : आयुक्त
  • विद्यालय के औचक निरीक्षण में मिली कई गड़बड़ियां, आयुक्त ने जताई नाराजगी
  • आयुक्त ने चैनपुर स्थित राजकीय बुनियादी विद्यालय का किया औचक निरीक्षण

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। प्रमंडलीय आयुक्त कुमुद सहाय आज चैनपुर स्थित राजकीय बुनियादी विद्यालय का औचक निरीक्षण कर विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, उपस्थिति पंजी, मध्याह्न भोजन एवं अन्य अभिलेखों की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं, जिसपर आयुक्त ने प्राचार्य एवं शिक्षकों के प्रति कड़ी नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने का सख्त निर्देश दिया।

निरीक्षण के क्रम में आयुक्त ने विद्यालय के विभिन्न कक्षाओं का अवलोकन किया। इस दौरान कुछ शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। जिसके कारण कई  छात्राएं कक्षा से बाहर निकलकर शोरगुल कर रहीं थीं। आयुक्त ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर छात्राओं से कई सामान्य प्रश्न पूछे गये, परंतु कई छात्राएं सरल प्रश्नों का भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे पायीं।

ऐसी स्थिति पर उन्होंने संबंधित वर्ग शिक्षकों एवं प्राचार्य को सही से तरीके से अध्यापन कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की पहली जिम्मेदारी विद्यार्थियों की गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित करना है।
आयुक्त ने विद्यार्थियों की उपस्थिति पंजी, मध्याह्न भोजन की दैनिक खपत-सह-स्टॉक पंजी, दैनिक उपस्थिति सारांश सहित विभिन्न अभिलेखों की जांच की। 

जांच में कई पंजी अद्यतन नहीं पाये गये। मार्च माह के कॉलम पूरी तरह खाली थे। मध्याह्न भोजन से संबंधित संचिका में भी प्रविष्टियां स्पष्ट नहीं थीं तथा पूर्व में भरे गए कई कॉलम संदेहास्पद एवं मनगढ़ंत प्रतीत हुए। इस पर आयुक्त ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि पंजियों को खाली रखना और माह के अंत में एक साथ भरना अनियमितता और आपकी स्वेक्षाचारिता की ओर इंगित करता है।

उन्होंने सभी अभिलेखों/पंजियों को प्रतिदिन अद्यतन करने का स्पष्ट निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि प्राचार्य कक्ष के सामने ही वाहनों की पार्किंग की गई है। इसपर उन्होंने नाराजगी जताते हुए वाहन की पार्किंग व्यवस्थित ढ़ंग से करने का निदेश दिया। आयुक्त ने प्राचार्य को विद्यालय के शिक्षकों एवं अन्य शैक्षणिक कार्यों पर पूर्ण नियंत्रण रखने का सख्त निर्देश दिया। 

उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों का भविष्य निर्माण करते हैं, इसलिए विद्यार्थियों की पढ़ाई, अनुशासन और विद्यालय की समुचित व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने पठन-पाठन की गुणवत्ता सुधारने, अभिलेखों को नियमित रूप से अद्यतन रखने और विद्यालय में अनुशासन बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षण कार्य में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान आयुक्त के सचिव बिजय वर्मा उपस्थित रहे।

विद्यार्थियों की कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी

निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों की उपस्थिति पंजी की जांच की गई, जिसमें कई  गड़बड़ियां सामने आयीं। कई विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति कम पाई गई, जबकि पंजी में अधिक दर्ज थी। इतना ही नहीं, 14 मार्च की तिथि के सामने कई छात्राओं के नाम पर पहले से ही अनुपस्थित दर्शाते हुए क्रॉस लगा दिया गया था, जबकि  निरीक्षण की तिथि 13 मार्च है। इस पर आयुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे गंभीर लापरवाही बताया।

मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता पर भी सख्त निर्देश

आयुक्त ने विद्यालय के रसोईघर का भी निरीक्षण किया और विद्यार्थियों के लिए तैयार मध्याह्न भोजन तथा स्टॉक में रखे चावल की जांच की। चावल की बोरियों को चूहों द्वारा कुतरा हुआ पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जतायीं। उन्होंने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना विद्यार्थियों के पोषण से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है, इसलिए इसके साथ किसी प्रकार की लापरवाही या खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

उन्होंने विद्यार्थियों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने तथा खाद्यान्न का सुरक्षित और व्यवस्थित भंडारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। आयुक्त ने कहा कि यदि मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में कमी के कारण विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, तो इसके लिए विद्यालय के प्राचार्य स्वयं जिम्मेदार होंगे।

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