टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। झारखंड विश्वविद्यालय व महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ विभावि प्रक्षेत्र की शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के विभिन्न मांगों हेतु पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आंदोलन गुरुवार से शुरू हुआ। इसमें विभावि प्रक्षेत्र के मुख्यालय समेत सभी संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने काला बिल्ला लगाकर आंदोलन के प्रथम चरण की शुरुआत की। इसके समर्थन में जेजे कॉलेज के कर्मचारी भी काला बिल्ला लगा अपने कार्य करते हुए सांकेतिक असंतोष का प्रदर्शन किया। महासंघ के विभावि प्रक्षेत्र के संयुक्त सचिव अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि बिहार के विश्वविद्यालयों के तर्ज पर झारखंड के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालय के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की सेवानिवृति की सीमा 60 से 62 किया जाए। महासंघ के प्रदेश प्रवक्ता रीतेश माधव ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ही छत के नीचे कार्य करने वाले शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी के लिए विश्वविद्यालय के लिए अलग अलग कानून और नियम है। शिक्षकों को सातवां वेतनमान तो शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को छठा वेतनमान मिल रहा है जो अमानवीय और नाकाबिले बर्दाश्त है। विभावि प्रक्षेत्र के मुख्यालय और सभी महाविद्यालय के कर्मचारी 7 जुलाई से 31 जुलाई तक काला बिल्ला लगा कर कार्य करेंगे। सरकार और विश्वविद्यालय ने अगर मांगे नही माना तो महासंघ धरना-प्रदर्शन, अनशन और आत्मदाह के लिए मजबूर होगा। महासंघ के विभावि प्रक्षेत्र अध्यक्ष क्रांति सिंह ने कहा कि अगर विभावि और सरकार हमारे मांगो सातवां वेतनमान का निर्धारण, एसीपी, एमएसीपी और सेवानिवृति की आयु 60 से 62 नही की तो चरणबद्ध आंदोलन की श्रृंखला में धरना, प्रदर्शन और अनशन किया जाएगा। इस आंदोलन के समर्थन में मौके पर महासंघ के प्रक्षेत्र उपाध्यक्ष अशोक यादव, मनोज कुमार, अखिलेश मिश्रा, शारदा सिंह, संजय चौधरी, संजय यादव, राम कुमार मिश्रा, राजेश कुमार, राजेन्द्र राम, समृद्धि श्रीवास्तव, राहुल पांडेय जानकी साव, तिलक यादव, कैलाश राणा, दीपक यादव, शिवलाल यादव, विशेश्वर यादव, रिंकू कुमार, संजीव सिंह, दिलीप मिश्रा समेत सभी कर्मचारी उपस्थित थे।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse