भारत-अमेरिका साझीदारी बनेगी वैश्विक शांति और मानव कल्याण के लिए अच्छाई की ताकत

 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत ने अमेरिका के साथ अपनी साझीदारी एवं मैत्री संबंधों को वैश्विक शांति एवं स्थिरता तथा मानवता के कल्याण के लिए एक "अच्छाई की ताकत" करार दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज यहां अमेरिका के राष्ट्रपति जोसेफ आर बाइडेन के साथ द्विपक्षीय बैठक में यह विचार व्यक्त किया। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत एवं जापान के चतुष्कोणीय गठजोड़ "क्वॉड" की चौथी शिखर बैठक में भाग लेने आये प्रधानमंत्री मोदी ने क्वॉड शिखर बैठक के बाद बाइडेन से अलग से भेंट की। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा एवं अन्य अधिकारी शामिल थे। जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में वहां के विदेश मंत्री एंटोनी जे ब्लिंकन, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलीवन शामिल थे। रणनीतिक साझीदारी को भरोसे की साझीदारी करार दिया : इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत अमेरिका मैत्री संबंधों एवं रणनीतिक साझीदारी की समीक्षा की और इसे अधिक व्यापक एवं गहन बनाने के उपायों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने हिन्द प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक पटल पर ताजा घटनाक्रमों पर भी विचार विमर्श किया। रूस-यूक्रेन युद्ध के बारे में भी अमेरिका ने अपनी चिंताओं से भारत को अवगत कराया। बैठक में मोदी ने अपने आरंभिक वक्तव्य में बाइडेन से मुलाकात पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, आपसे मिलकर हमेशा बहुत ख़ुशी होती है। आज हमने एक और सकारात्मक और उपयोगी क्वॉड शिखर बैठक में भी साथ साथ भाग लिया। उन्होंने भारत और अमेरिका की रणनीतिक साझीदारी को सही मायने मे एक विश्वास एवं भरोसे की साझीदारी करार दिया और कहा कि हमारे साझा मूल्यों, और सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में हमारे समान हितों ने इस विश्वास एवं भरोसे के बंधन को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि हमारे जनता के बीच संपकर् और घनिष्ठ आर्थिक सम्बन्ध भी हमारी साझीदारी को अद्वितीय बनाते है। दोनों देशों में व्यापार और निवेश में भी निरंतर विस्तार होता जा रहा है : प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत एवं अमेरिका के बीच व्यापार और निवेश में भी निरंतर विस्तार होता जा रहा है, यद्यपि ये हमारी क्षमता से अभी बहुत कम है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत अमेरिका निवेश इन्सेंटिव करार से निवेश की दिशा में ठोस प्रगति देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि हम तकनीक के क्षेत्र में अपना द्विपक्षीय सहयोग बढ़ा रहे हैं, और वैश्विक मुद्दों पर भी आपसी समन्वय सुदृढ़ कर रहे हैं। हम दोनों ही देश हिन्द-प्रशांत क्षेत्र के बारे में भी समान नजरिया रखते हैं और न सिर्फ द्विपक्षीय स्तर पर बल्कि अन्य समान विचारों वाले देशों के साथ अपने साझा मूल्यों और साझा हितों को सुरक्षित रखने के लिए काम कर रहे हैं। क्वॉड और कल घोषित आईपीईएफ इसके सक्रिय उदहारण हैं। आज हमारी चर्चा से इस सकारात्मक पहल को और गति मिलेगी। अच्छाई की ताकत बनी रहेगी मोदी ने कहा, मुझे विश्वास है की भारत और अमेरिका की मित्रता, वैश्विक शांति और स्थिरता, पृथ्वी के सातत्य और मानव जाति के कल्याण के लिए एक अच्छाई की ताकत बनी रहेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने मोदी के विचारों की सराहना की और कहा कि भारत एवं अमेरिका एक साथ मिल कर बहुत कुछ कर सकते हैं और करेंगे। उनका संकल्प है कि भारत अमेरिका के बीच साझीदारी विश्व में सबसे घनिष्ठ साझीदारी बने। उन्हें इस बात की खुशी है कि यूएस डेवेलेपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन भारत में महत्वपूर्ण परियोजनाओं, वैक्सीन उत्पादन, स्वच्छ ऊर्जा पहलों को समर्थन जारी रखने पर सहमत हो गया है। यह भी खुशी की बात है कि हम भारत अमेरिका वैक्सीन एक्शन प्रोग्राम को भी आगे बढ़ाएंगे। बाइडेन ने कहा कि हमने यूक्रेन पर रूस के क्रूर एवं गैरवाजिब हमले के दुष्प्रभावों और समूची वैश्विक व्यवस्था पर पड़ने वाले असर के बारे में भी बात की है। अमेरिका एवं भारत इन नकारात्मक प्रभावों को कम करने के उपायों पर निकटता से काम करते रहेंगे।

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