टीम एबीएन, कोडरमा। कोडरमा जिला मे दलितों पर बढ़ते अत्याचार एवं बिगड़ते कानून व्यवस्था के खिलाफ पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत दलित शोषण मुक्ति मंच (डीएसएमएम) के बैनर तले जिला मुख्यालय पर रोषपूर्ण व जुझारू विशाल प्रदर्शन किया गया। इससे पूर्व दूधीमाटी से हनुमान मंदिर, कोडरमा बाजार, गांधी चौक होते हुए समाहरणालय तक एक विशाल जुलूस निकाला गया। जिसमें दलितों पर हो रहे अत्याचार पर रोक लगाओ, फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर बलात्कारियों को फांसी दो, आरक्षण के साथ छेड़छाड़ नही चलेगा, मोदी सरकार होश में आओ, दलितों की जमीन हड़पने की साजिश पर रोक लगाओ आदि आक्रोशित नारे लगाए जा रहे थे। जलूस समाहरणालय पहुँचकर सभा में तब्दील हो गया। दलित शोषण मुक्ति मंच के जिलाध्यक्ष दिनेश रविदास की अध्यक्षता व महेन्द्र तुरी के संचालन में हुई सभा को डीएसएमएम के राज्य संयोजक शिवबालक पासवान ने कहा कि भारत के इतिहास में आजादी के बाद 2 अप्रैल दलितों आदिवासियों के लिए महत्वपूर्ण दिन है, वर्ष 2018 में इसी दिन दलित संगठनों ने अपनी एकता के बल पर बाबा साहेब के द्वारा दिये गये आरक्षण के साथ केन्द्र की भाजपा सरकार के द्वारा छेड़छाड़ किये जाने के खिलाफ सफल भारत बंद का आयोजन किया था। जिसमें 9 दलित कार्यकर्ता शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के आने के बाद पूरे भारत में दलितों पर जुल्म बढ़ गया है, निजीकरण के रास्ते दलित, आदिवासियों, पिछड़ों का आरक्षण समाप्त किया जा रहा, कोडरमा जिला मे आए दिन बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही है और प्रशासन निष्क्रिय है। जिलाध्यक्ष दिनेश रविदास ने कहा कि पिछले एक वर्षों में जिला मे दलित बच्चियों के साथ बलात्कार की घटनाएं बढ़ी है, फर्जी कागज बनाकर दलितों की बंदोबस्त जमीन पर दबंग द्वारा कब्जा किया जा रहा है, शिकायत करने पर दलितों को सुरक्षा की जगह पुलिस द्वारा अपमानित किया जाता है, प्रशासन की इसी रवैया के चलते अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है। इस पर रोक नहीं लगेगी तो आंदोलन और उग्र होगा। सभा को सीटू नेता संजय पासवान, वामपंथी नेता असीम सरकार, मजदूर नेता प्रेम प्रकाश, रघुनाथ कुमार दास, राजकुमार पासवान, दिनेश रविदास, असीस सरकार, आरके बौद्ध, रंजीत कुमार दास, संजय कुमार दास, बसंती देवी, भीखारी तुरी आदि ने संबोधित किया। धन्यवाद ज्ञापन महेश कुमार दास ने किया। वर्ष 2021 एवं 2022 में दलितों की हुई हत्या, बलात्कार, छेड़छाड़ के आरोपियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट मे सुनवाई कर अविलंब सजा दी जाय, तमाम पीड़ित परिवारों को सरकारी सहायता राशि उपल्बध कराते हुए सुरक्षा प्रदान की जाय। जिला में दलितों की रैयती एंव गैरमजरूआ खास भूमि का फजीर्वाडा कर भूमि हड़पने वाले व्यक्तियों के उपर केश करने एवं दलितों को सरकार द्वारा दी गई बंदोबस्त भूमि पर कब्जा दिलाने आदि मांगों से संबंधित ज्ञापन सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मिलकर सौंपा। जिसकी प्रति राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव सहित राज्य एंव जिला के अनेक वरीय पदाधिकारियों को भी भेजी गई। प्रदर्शन में रामचन्द्र दास, शम्भु पासवान, रविन्द्र भारती, अशोक रजक, हरेन्द्र दास, रोहित रविदास, रामप्रकाश पासवान, सरयू दास, भीखी पासवान, जीतन दास, कार्तिक दास, सुनीता देवी, सरिता देवी, चिंता देवी, दुलारी देवी, आरती देवी, देवंती देवी भूवनेश्वरी देवी, कारू दास, मनोज दास सहित सैकड़ों महिला पुरूष शामिल थे।
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