CCI ने ऐप डेवलपर्स के बिलिंग सिस्‍टम को माना भेदभावपूर्ण, बढ़ सकती है गूगल की परेशानी!

 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में गूगल की परेशानियां आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं। कंपनी के खिलाफ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग द्वारा की गई जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके अनुसार ऐप डेवलपर्स के लिए बनाए गए बिलिंग सिस्टम के नियम न केवल अनुचित है, बल्कि ये भेदभावपूर्ण भी है। यही नहीं गूगल अनुचित तरीके से अपने पेमेंट ऐप गूगल पे को बढ़ावा दे रहा है। यह जांच आयोग के एडिशनल डायरेक्टर जनरल ने की है। गौरतलब है कि गूगल के नए नियमों के अनुसार, ऐप डेवलपर्स के लिए इन-ऐप्स की खरीदारी कंपनी के अपने बिलिंग सिस्टम से करना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे भारतीय भारतीय स्टार्ट-अप्स में काफी नाराजगी है। उनका आरोप है कि गूगल अपने प्रभुत्व का दुरुपयोग करते हुए गूगल पे के अन्य प्रतिस्पर्धी ऐप्स को गलत तरीके से दरकिनार कर रही है। ईटी पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के निष्कर्षों पर जल्द सुनवाई शुरू हो सकती है। गूगल को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के सामने आरोपों और जांच निष्कर्षों पर जवाब देना होगा। वहीं, गूगल ने अपने नियमों को पूरी तरह सही और सभी के लिए फायदेमंद बताया है। सीसीआई 2020 और 2021 में गूगल के खिलाफ आई तीन शिकायतों की एक साथ जांच कर रही है। इनमें आरोप लगाया गया है कि गूगल प्ले स्टोर और एंड्रायड ऑपरेटिंग सिस्टम पर अपने एकाधिकार का प्रयोग कर गूगल पे को दूसरे ऐप्स पर प्राथमिकता दे रहा है। सूत्रों का कहना है कि जांच में पता चला है कि गूगल अपने कुछ ऐप्स के लिए गूगल बिलिंग पेमेंट सिस्टम का प्रयोग नहीं कर रही है। वहीं दूसरे डेवलपर्स को पेमेंट के लिए इसे उसने अनिवार्य बनाया है। इससे पता चलता है कि प्ले स्टोर की पेमेंट पॉलिसी भेदभावपूर्ण है। सूत्रों ने ईटी को बताया कि इस मामले में सीसीआई ने बहुत गहराई और पारदर्शिता से जांच की है। उसने सभी डेवलेपर्स से जानकारियां जुटाई है और सिस्टम का गहराई से अध्ययन किया है। इससे आयोग इस नतीजे पर पहुंचा है कि अगर ये नीतियां लागू की गई तो इससे डेवलपर्स को बहुत नुकसान होगा। आयोग ने गूगल के गूगल पे को बढावा देने के लिए सर्च मेनिपुलेशन किए जाने के आरोपों की भी जांच की है। सीसीआई ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को भी इस मामले को देखने का आदेश दिया है। इस पूरे मामले पर गूगल के प्रतिनिधि का कहना है कि कंपनी अभी डायरेक्टर जनरल की रिपोर्ट का अध्ययन कर रही है। यह रिपोर्ट सीसीआई का अंतिम निर्णय नहीं है। इसलिए अभी केवल रिपोर्ट के आधार पर ही निर्णय पर पहुंचना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि गूगल लगातार सीसीआई के संपर्क में रहेगा और यह बताएगा की उसकी नीतियों से भारतीय उपभोक्ता और डेवलपर्स को फायदा होगा।

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