टीम एबीएन, कोडरमा। गर्मी का सितम दिनोंदिन बढ़ने लगा है।गत एक सप्ताह से अधिकतम तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया। न्यूनतम तापमान भी 26 डिग्री रिकार्ड किया गया। मौसम विभाग की मानें तो अभी गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। अभी तापमान में और अधिक बढ़ोतरी होने का अनुमान है। तेज धूप के कारण दोपहर में सड़कें वीरान होने लगी है। सुबह दस बजे के बाद से ही सूर्य की तेज किरणें लोगों को झुलसाने लगी है। ऐसे में आपदा प्रबंधन विभाग सभी विभागों को पत्र जारी आम लोगों को गर्मी एवं लू से बचाने के लिए आवश्यक तैयारी करने के की अपील झारखण्ड जिला परिषद की अध्यक्ष सह कोडरमा की जिप प्रधान शालिनी गुप्ता ने की है। लू से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करें। सभी नगर निकाय शहरी क्षेत्र के प्रमुख स्थलों पर प्याऊ की व्यवस्था करें इसके लिए भी सार्थक प्रयास की जरूरत है। लू से बचाव के लिए चौक-चौराहों पर सूचना भी प्रदर्शित करेंगे। जिसमें यह बताया जाएगा कि लू से बचाव के लिए क्या क्या उपाय करें। शहरी एव ग्रामीण क्षेत्र के सभी खराब चापाकल की मरम्मत के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाएं। आश्रय स्थल पर पेयजल की व्यवस्था करें और स्लम बस्ती के लोगों के लिए आवश्यक दवाओं की व्यवस्था रखें सभी पीएचसीए अनुमंडल अस्पतालए रेफरल अस्पतालए सदर अस्पताल में लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए पुख्ता इंतजाम कर किया जाए। अत्यधिक गर्मी से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था करें। लू से पीडि़त बूढ़े बच्चे और गर्भवती महिलाओं के विशेष इंतजाम किया जाए। आवश्यकता अनुसार चलंत और स्टैटिक मेडिकल टीम का गठन कर लें। पीएचइडी विभाग : खराब चापाकल की मरम्मत युद्धस्तर पर करें। जहां नल का जल योजना से पानी नहीं पहुंचा हो चापाकल से पानी नहीं आ रहा हो वहां पर टैंकर से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करें। भू जलस्तर की लगातार निगरानी करते रहें। शिक्षा विभाग : स्कूल में कक्षा का संचालन सुबह के समय कराया जाना चाहिए। अधिक गर्मी होने पर अल्प अवधि के लिए विद्यालय बंद किया जा सकता है। यह निर्णय जिला स्तर पर समीक्षा के बाद डीसी लेंगे। सभी स्कूलों में पेयजल और ओआरएस की व्यवस्था कर लें। समाज कल्याण विभाग : सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर पेयजल की व्यवस्था कर लें। आंगनबाड़ी केंद्र पर लू से बचाव के उपाय से संबंधित सूचना प्रदर्शित करें। स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से ओआरएस घोल की व्यवस्था करें। वहींए नवजात बच्चेए गर्भवती और धातृ महिलाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विशेष जांच शिविर आयोजित करें। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग : सरकारी टयूवेल एवं अन्य जगहों पर गड्ढ़ा खुदवा कर पानी इक्टठा कर लेंए ताकि पशु पक्षी को पानी मिल सकें। शुओं के बीमार पड़ने पर इलाज के लिए मेडिकल टीम का गठन कर लें। ग्रामीण विकास विभाग : मनरेगा योजना के तहत तालाब की खुदाई में तेजी लाएं। जिसमें पानी इकट्ठा किया जा सकेंए ताकि पशु पक्षी को पानी उपलब्ध हो सकें। लू चलने पर मनरेगा योजना में मजदूरों से सुबह छह से 11 बजे और तीन बजे से संध्या 06:30 बजे तक ही काम लिया जाए। कार्यस्थल पर पानी की व्यवस्था करें और लू लगने पर प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करें। पंचायती राज विभाग : पंचायतों में लू से बचाव के लिए क्या करें और क्या न करें आदि का प्रचार प्रसार करें। गांवों में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पंचायतों को निर्देशित करें। श्रम संसाधन विभाग : लू चलने पर सुबह छह बजे से 11 बजे तक और 03:30 से 06:30 बजे तक काम का समय निर्धारित किया जा सकता है। कार्य स्थल पर पेयजल और लू लगने पर प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। खुले में काम करने वालेए भवन का निर्माण करने वाले, कल-कारखाने में काम करने वालों के लिए आइस पैड और शेड की व्यवस्था की जाए। लू से बचाव के लिए मजदूरों के बीच जागरुकता कैंप आयोजित किया जाए। परिवहन विभाग : लू से बचाव के लिए 11 बजे से तीन बजे तक सार्वजनिक वाहनों का परिचालन नियंत्रित किया जा सकता है।सार्वजनिक परिवहन में पेयजलए ओआरएस और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करें। उर्जा विभाग : बिजली के तार के टकराने से आपस में चिंगारी उत्पन्न होती है। इस कारण अक्सर अगलगी की घटना होती है। इसलिए लूज तारों की मरम्मत कराई जाए। वहींए निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित कराएं।
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