एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 5वीं बिम्सटेक शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 2 सालों के चुनौतीपूर्ण माहौल में राष्ट्रपति राजपक्ष ने बिम्सटेक को कुशल नेतृत्व दिया है। जिसके लिए मैं उनका अभिनंदन करता हूं। आज के चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिप्रेक्ष्य में से हमारा क्षेत्र अछूता नहीं रहा है। हम अभी भी कोरोना के दुष्प्रभावों को झेल रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि बिम्सटेक की स्थापना का ये 25वां वर्ष है इसलिए आज के समिट को मैं विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानता हूं। इस लैंडमार्क समिट के परिणाम बिम्सटेक के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय लिखेंगे। उन्होंने कहा कि बिम्सटेक को और सक्रिय किया जाए, इसमें शामिल देशों में व्यापार बढ़ना चाहिए। बिम्सटेक सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि यूरोप में हाल के घटनाक्रमों ने अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था की स्थिरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस संदर्भ में क्षेत्रीय सहयोग करना एक बड़ी प्राथमिकता बन गई है। हम नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तावित बिम्सटेक छात्रवृत्ति कार्यक्रम के दायरे का विस्तार और विस्तार करने पर काम कर रहे हैं। हम आपराधिक मामलों पर आपसी कानूनी सहायता पर एक संधि पर भी हस्ताक्षर कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सेंटर फॉर वेदर को सक्रिय केंद्र बनाने के लिए भारत 30 लाख डॉलर खर्च करने को तैयार है। इसके लिए सबका सहयोग ज़रूरी है।
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