एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल सरकार ने शनिवार को अपने सभी कर्मचारियों को 28 और 29 मार्च को 48 घंटे की देशव्यापी हड़ताल के दौरान ड्यूटी पर आने को कहा और ऐसा नहीं किये जाने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार (जो अपनी आधिकारिक नीति के रूप में बंद का विरोध करती रही है) ने कहा कि बीमारी या परिवार में मृत्यु जैसी आपात स्थितियों को छोड़कर कर्मचारियों को कोई आकस्मिक अवकाश नहीं दिया जाएगा। वाममोर्चा, कांग्रेस से संबंधित श्रमिक संघों समेत कई संघों ने केंद्र की आर्थिक नीतियों के खिलाफ दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। हालांकि इनमें भारतीय जनता पार्टी और टीएमसी से संबंधित श्रमिक संघ शामिल नहीं है। राज्य सचिवालय से जारी अधिसूचना में प्रमुख सचिव मनोज पंत ने कहा कि कोई भी कर्मचारी बिना अनुमति के इन दो दिनों या किसी अन्य दिन अनुपस्थित रहने पर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। सभी कर्मचारी ड्यूटी पर आयेंगे : अधिसूचना में कहा गया है, 28 और 29 मार्च, 2022 को 48 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के लिए विभिन्न ट्रेड यूनियनों और अन्य लोगों द्वारा दिए गए आह्वान के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है कि सभी राज्य सरकार के कार्यालय खुले रहेंगे और सभी कर्मचारी उन दिनों ड्यूटी पर आयेंगे। इसमें कहा गया है, यह निर्णय लिया गया है कि उपरोक्त तारीखों पर किसी भी कर्मचारी को कोई आकस्मिक छुट्टी या कोई अन्य कोई छुट्टी नहीं दी जाएगी। अधिसूचना में कहा गया है कि कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें कहा गया है कि इस आदेश के संबंध में सभी कार्रवाई 13 अप्रैल तक पूरी की जानी चाहिए।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse