टीम एबीएन, चौपारण (हजारीबाग)। राज्य में एक-एक कर आदिम जनजाति समुदाय के लोगों की मौत इन दिनों होती जा रही है। लेकिन सरकारी तंत्र केवल फ्री राशन देकर इसकी खानापूर्ति करने में जुटा है। जरूरत है राशन-किरासन से आगे बढ़कर उनके समुचित देखभाल का। जिसमें सरकारी तंत्र फिसड्डी साबित हो रहा है। इसी कड़ी में आदिम जनजाति बहुल सुदूरवर्ती जंगल पहाड़ों के बीच बसे मोरनिया गांव के रहने वाले बिरहोर समुदाय के विकास बिरहोर की पत्नी कुंती बिरहोरिन (33) की मौत शनिवार को हो गई। तंत्र की अनदेखी व समुचित चिकित्सा के अभाव में हुई कुंती की असमय मौत ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। वहीं एक बार फिर सरकार की व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। इसके पूर्व बीमारी की चपेट में आने से बिरहोर समाज के कई लोग असमय कालकवलित हो चुके हैं। कुंती के 3 छोटे-छोटे बच्चें हैं। मृतक के पति विकास ने बताया कि कुंती टीवी रोग से ग्रस्त थी। उसकी होली के दिन से तबियत ज्यादा बिगड़ गई थी। बाद में इलाज के लिये कोडरमा ले जाया गया। जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उसने बताया कि गांव में और भी कई लोग बीमार हैं। जिनको इलाज की आवश्यकता है। ज्ञात हो कि बिरहोर उन जनजातियों में शामिल हैं जिनकी संख्या लगातार कम होती जा रही है, यूं कहें तो जो विलुप्त होती जा रही है। अब किसके भरोसे जीयेगी एक वर्षीय बेटी : कुंती की मौत के बाद उसकी एक वर्षीय बेटी का रो-रो कर बुरा हाल था। बेटी का चेहरा देखकर सभी की आंखे नम हो रही थीं। रोती बिलखती महिलाओं के बीच बच्ची अपनी मां की तलाश कर रही थी। लोग उसे गोद में लेकर थपकियां देकर बहलाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह बार-बार मां के पास जाने की जिद कर रही थी। अब होगी खानापूर्ति : घटना की जानकारी होते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी ने तत्काल खाद्य सामग्री व कुछ राशि देकर मृतक के घर एक टीम भेज दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल परीक्षा कार्यों में व्यस्त हूं। फिर भी जानकारी के बाद तुरंत हमने राशन व कुछ राशि भेजवा दिया है। जिसे लेकर जनसेवक अनिल राणा व एमओ भूपनाथ महतो गए हैं। हर माह लगता है जांच शिविर : एसडीओ - इस बाबत पूछे जाने पर बरही एसडीओ पूनम कुजूर ने कहा कि मोरनिया में और भी कई बिरहोर परिवार बीमार बताए जा रहे हैं, उन्होंने कहा कि पहले से ही हरेक महीनें जांच शिविर उन सभी जगहों पर लगाने की तैयारी चल रही है जहां बिरहोर हैं। हमलोग हमेशा उनकी स्वास्थ्य और जीवन का ख्याल रखने को तत्पर हैं। एसडीओ और बिरहोरों की बातों मे विरोधाभास साफ नजर आता है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse