साहिबगंज जहाज डूबने के शोर में सदन डूबा

 

टीम एबीएन, रांची। बजट सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को स्पीकर ने सत्र संचालन में सहयोग के लिये सभी विधायकों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों पर मुखर होना आवश्यक है। दोनों पक्षों को सदन की गरिमा बरकरार रखने के लिये कार्य करना चाहिये। इसके पहले मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि जनता के भरोसे के अनुकुल विकास कार्य होगा। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा की। सदन की कार्यवाही देर शाम तक चला। इस दौरान 56 गैर सरकारी संकल्प पर भी चर्चा हुई। इसके बाद स्पीकर ने सदन को अनिश्चितकाल के लिये स्थगित कर दिया। इसके पहले पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायकों ने साहिबगंज में जहाज डूबने की घटना को लेकर हंगामा किया। सरकार से पूछा गया कि वह बताए कि कितने लोग डूबे हैं। साहिबगंज के डीसी-एसपी पर केस दर्ज करने की मांग की गई। भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पिछले साल ही इस मामले में सीएम को पत्र लिखा था। कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंत्री आलमगीर आलम ने कहा, जानकारी लेकर इसका जवाब देंगे। दोषी अफसरों पर कार्रवाई होगी। इसके बाद भाजपा के विधायक नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष पहुंच गए। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने सूचना के तहत सदन की कार्यवाही शुरू होते ही फिर से यह मामला उठाया। उन्होनें कहा कि साहिबगंज से अवैध स्टोन चिप्स को बिहार के मनिहारी में अवैध घाट पर उतारा जाता है। इसी क्रम में यह दर्दनाक घटना हुई है। उन्होनें साहिबगंज के डीसी और एसपी को अविलंब बर्खास्त करने की मांग की। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि वर्ष 2021 में ही उन्होंने स्टोन चिप्स की कालाबाजारी को लेकर बिहार और झारखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह अवैध धंधा बहुत पहले से चल रहा है। झामुमो विधायक लॉबिन हेम्ब्रम ने कहा कि जो जहाज दुर्घटना ग्रस्त हुई हैए उस पर अवैध तरीके से पत्थर जा रहा थाण् कहा कि उनके ही विधानसभा क्षेत्र से पत्थर जाता है। लगातार वह इस बात को सदन में उठाते रहे हैं। उन्होनें कहा कि फेरी घाट से ओवर लोडेड ट्रक जाता है। राजस्व की हानि हो रही हैतुरंत जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई हो। विधायक अनंत ओझा ने कहा कि मनिहारी साहिबगंज फेरी सेवा चलती है। रात के अंधेरे में अवैध कारोबार होता है। इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि साहिबगंज में फेरी घाट संचालित है। जिस पर दो वर्ष बिहार का और दो वर्ष झारखंड का अधिकार रहता है। इस जगह से पैसेंजर से लेकर मालवाहक दोनों चलता है। उन्होंने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार पूरी जानकारी ले रही है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन की जानकारी नहीं है। मंत्री के जवाब के बाद विपक्ष के सदस्य वेल में आकर हंगामा करने लगे। स्पीकर बार-बार विधायकों से आसान पर बैठने का आग्रह करते रहे लेकिन हंगामा जारी रहा। सदन दोबारा 12 बजे शुरू होने पर सरकार ने इस मामले में जवाब दिया है। मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जहाज खराब था, रिपेयर हो रहा था। दुर्घटना बिहार की सीमा में हुई है। इस मामले की जांच की जायेगी। साहिबगंज के अपर समाहर्ता को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। कमेटी में 4 सदस्यों को रखा गया है। बिहार व झारखंड की ओर से संयुक्त राहत अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान शून्यकाल की सूचनाएं ली गईं। इस दौरान झामुमो विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने ही सरकार को घेर लिया। उन्होंने कहा कि खतियान आधारित स्थानीय नीति क्यों नहीं लागू हो रही। ब्ड को इस पर निर्णय लेना चाहिए। लोबिन ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान से आहत हूं। ऐसे में मेरे विधायक रहने या नहीं रहने का कोई मतलब नहीं है। हंगामे के बीच कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित हो गई।इससे पहले विधायकों ने परिसर में अपनी.अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। आजसू, भाजपा से लेकर लेकर कांग्रेस तक के विधायक अपनी मांगों से संबंधित पोस्टर के साथ सदन के बाहर धरना पर बैठे थे। कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने अल्पसंख्यकों का मुद्दा उठाया। दूसरी पाली में शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने सदन में कहा कि सरकारी अनौपचारिक शिक्षा अनुदेशकों को विधि विभाग से विमर्श लेने के बाद समायोजित करने का फैसला सरकार लेगी। सदन में विधायक ममता देवी ने सवाल उठाया था कि 1980 में अनौपचारिक शिक्षा शुरू हुई थी। इस पर 2001 में विराम लग गयाण् इसलिए झारखंड अनौपचारिक शिक्षा अनुदेशकों को चतुर्थवर्गीय पद पर समायोजित किया जाये। मंत्री जोबा मांझी ने सदन में कहा है कि लैंड बैंक को खत्म किए जाने को लेकर सरकार विचार करेगी। विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने सदन में यह मांग उठाते हुए कहा कि सरकार लैंड बैंक को निरस्त कर व्यक्तिगत और सामुदायिक स्तर की गैरमजरूआ भूमि का सरकारी स्तर से सर्वे कराकर पट्टा देने की घोषणा करे। विधायक जयप्रकाश भाई पटेल ने हजारीबाग जिला के विष्णुगढ़ प्रखंड को पूर्ण रूप से अनुमंडल का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रखंड अनुमंडल बनने की अहर्ता पूरी करता है। इस पर मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि आयुक्त से अनुशंसा आने के बाद सरकार इस पर फैसला लेगी। विधायक प्रदीप यादव ने दुमका में हाईकोर्ट की बेंच और शिक्षा एवं कल्याण निदेशालय की स्थापना की मांग की। उन्होंने कहा कि यह मांग सालों से हो रही है। इस पर मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि इसे लेकर चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में जल्द बैठक आयोजित कराई जायेगी। विधायक नवीन जायसवाल ने सदन में कहा कि रांची में 2 लाख 30 हजार से ज्यादा मकान बिना नक्शा पास के बने हुए हैं। उन्हें लगातार नगर निगम की ओर से नोटिस भेजा जा रहा है। जबकि ये मकान नगर निगम की स्थापना से पहले बने हैं। यह मामला सरकार के उच्च स्तर पर विचाराधीन है। जबतक इस पर फैसला नहीं आता है तब तक नोटिस देना बंद किया जाये। अपनी सरकार के खिलाफ विधायकों ने किया प्रदर्शन : विधानसभा परिसर में अपनी ही सरकार के खिलाफ कांग्रेस विधायकों ने किया प्रदर्शन किया। एक तरफ इरफान अंसारी ने अल्पसंख्यकों का मुद्दा उठाया तो वहीं, विक्सल कोंगाड़ी ने अपने इलाके में हाथियों के आतंक का मुद्दा उठाया। कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने कहा कि भाजपा को उखाड़ फेंकने में सबसे ज्यादा अल्पसंख्यकों का योगदान रहा है। लेकिन मौजूदा सरकार में उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। सरकार के 3 साल हो गए हैं लेकिन जो सम्मान अल्पसंख्यकों को मिलना चाहिए वह सम्मान नहीं मिल पा रहा है। झारखंड में 18 फीसदी अल्पसंख्यकों की आबादी है। उसमें अंसारी समुदाय कपड़ा बनाता है। लेकिन धोती साड़ी लूंगी योजना के लिए ठेका मुंबई की कंपनी को दे दिया गया। सिमडेगा विधायक विक्सल कोंगाड़ी ने सदन के बाहर अपने क्षेत्र में पागल हाथियों के आतंक पर हाथ में तख्ती लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने वन विभाग और जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि सारंडा, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से लगभग सौ से डेढ़ सौ हाथियों झुंड सिमडेगा आते रहे हैं। एक हाथी पिछले एक साल से विधानसभा क्षेत्र में है और तबाही मचा रहा है। वह हाथी रोज दो से तीन घरों ध्वस्त कर देते है। इसे लेकर उन्होंने सदन के अंदर मुद्दा उठाया था लेकिन जिला प्रशासन और वन विभाग सरकार को गुमराह कर रहा है। यही वजह है कि उन्हें सदन के बाहर प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

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