रूस के न्यूक्लियर अटैक वाली धमकी के बाद यूक्रेन की मदद में खड़े हुए NATO देश

 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस के खिलाफ नाटो का ये एक्शन दुनिया को जंग के रास्ते पर धकेल रहा है। रूस पहले ही कह चुका है कि वो अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतिंत है। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर आज बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में नाटो देशों की मीटिंग हुई। इस मीटिंग में अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन भी शामिल हुए और मीटिंग के बाद सभी 30 नाटो देशों ने साझा घोषणापत्र जारी करके कहा कि रशियन ब्रूटल वॉर का यूक्रेन ने हीरो की तरह सामना किया है। संगठन ने मांग की है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तत्काल इस युद्ध को रोकें। इस तरह के खतरों से निपटने के लिए नाटो देशों ने अपने रक्षा बजट बढ़ाने का फैसला किया है और कहा है कि आगे का एक्शन प्लान मैड्रिड में होने वाली मीटिंग में तय किया जाएगा। ब्रसेल्स में तीन बैठकें हो रही हैं। नाटो देशों की मीटिंग के अलावा जी-7 देशों की मीटिंग और फिर सबसे आखिर में यूरोपियन काउंसिल देशों की मीटिंग में लिए जाने वाले फैसले पर पूरी दुनिया की नजर है। रूस-यूक्रेन युद्ध का अब दूसरा महीना शुरू हो चुका है और एक महीने की जंग में रूस ने क्या हासिल किया इसको लेकर मॉस्को खामोश है जबकि पश्चिमी मीडिया दावा कर रही हैं कि यूक्रेन पर हमला करके पुतिन फंस चुके हैं और वो ये लड़ाई हार रहे हैं। पुतिन की सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव को चारों ओर से घेरा : पश्चिमी मीडिया के मुताबिक पुतिन की सेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव को चारों ओर से घेर रखा है, लेकिन अब यूक्रेन की सेना का पलटवार उनपर भारी पड़ रहा है। यूक्रेन की सेना रूसी सेना को पीछे धकेल रही है और बैटल फील्ड से रूसी तोपों को उड़ाने के वीडियो सामने आ रहे हैं। इतना ही नहीं कीव के बाहर घेरा डालकर बैठी पुतिन की सेना पर मिसाइल से भयानक हमले हो रहे हैं, जिससे पुतिन की सेना के लिए टिके रहना मुश्किल हो रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की ब्रीफिंग के मुताबिक यूक्रेन ने अब रूस की सेना की सप्लाई लाइन काटनी शुरू कर दी है। इस कड़ी में बृहस्पतिवार को जेलेंस्की की सेना को सबसे बड़ी कामयाबी मिली। यूक्रेन ने रूस के सबसे बड़े टैंक कैरियर वॉर शिप को तबाह कर दिया, जो रूसी नेवी के लिए अब का सबसे बड़ा झटका है।।ब्रीफिंग के मुताबिक रूस का जंगी जहाज पोर्ट सिटी बैपेयांस में तैनात था, जिस पर यूक्रेन ने स्टूग्ना मिसाइल से डायरेक्ट हिट किया, जिसके बाद वॉर शिप से आग की लपटें उठती दिखीं। बताया जाता है कि रूस को ये नुकसान अपनी मीडिया की गलती से उठाना पड़ा है। रूसी मीडिया ने वॉर शिप की लोकेशन बता दी थी और मौका पाकर यूक्रेन ने मिसाइल हमला कर दिया। रूस के चालीस हजार सैनिक बैटल फील्ड से हुए बाहर- नाटो: नाटो का अनुमान है कि एक महीने की जंग में रूस के चालीस हजार सैनिक बैटल फील्ड से बाहर हो चुके हैं। ये सैनिक या तो मारे गए हैं, मिसिंग हैं या फिर घायल हैं। नाटो का मानना है कि पुतिन ने जितने सैनिकों को यूक्रेन युद्ध के लिए ऑर्डर दिया था, उसका एक चौथाई हिस्सा वो गंवा चुके हैं। पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक जिन इलाकों पर रूस की सेना कब्जा कर चुकी थी, उनपर अब यूक्रेन की सेना वापस कब्जा करने लगी है। खास तौर पर राजधानी कीव से रूस की सेना को 15 से 20 किलोमीटर पीछे हटना पड़ा है और सैटेलाइट तस्वीरों में कीव के बाहर पुतिन की सेना का जो 65 किलोमीटर लंबा काफिला नजर आया था, वो गायब हो चुका है।

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