टीम एबीएन, रांची। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रभारी क्षेत्रीय मुख्य अभियंता को दंड दिया गया है। उन्हें कार्यों में उदासीनता बरतने का दोषी पाया गया है। दंड देने संबंधी आदेश विभाग ने जारी कर दिया है। उक्त अभियंता का नाम सुरेश प्रसाद है। वह विभाग के रांची प्रक्षेत्र के प्रभारी क्षेत्रीय मुख्य अभियंता के पद पर पदस्थापित हैं। उनसे 17 फरवरी, 2022 को जल जीवन मिशन के अंतर्गत SVS के कार्यों के निष्पादन में उदासीनता बरतने के संबंध में स्पष्टीकरण पूछा गया था। उक्त के आलोक में प्रसाद द्वारा 23 फरवरी, 2022 को जवाब दिया गया। जवाब सहित पूरे मामले की समीक्षा के बाद 4 मार्च, 2022 को पेयजल एवं स्वच्छता अंचल, मेदिनीनगर के अधीक्षण अभियंता से प्रसाद द्वारा समर्पित जवाब पर मंतव्य मांगा गया। इस क्रम में अधीक्षण अभियंता द्वारा उपलब्ध कराये गये मंतव्य के साथ सम्पूर्ण मामले की समीक्षा सक्षम स्तर से की गई। इसमें प्रसाद के जवाब में वर्णित तथ्य स्वीकार योग्य नहीं पाये गये। यह पाया गया कि उनके द्वारा जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना के निविदा निष्पादन में जानबूझ कर विलंब किया जा रहा है। उदासीनता बरती जा रही है। सक्षम प्राधिकार द्वारा सम्पूर्ण मामले की समीक्षा के बाद प्रसाद की एक वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोकने का निर्णय लिया गया। फिर इसपर कार्रवाई की गई। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
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