सोलर पंप से सिंचाई कर आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं

 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में पर्याप्त बारिश होने के बावजूद यहां पर किसानों के लिए सिंचाई एक बड़ी समस्या है। यही कारण है की झारखंड में आज भी कई इलाके ऐसे हैं जहां पर किसान साल भर एक ही फसल उगा पाते हैं। खास कर लातेहार जिले के महुआडाड़ इलाके में किसान आज भी किसान साल में एक ही बार सिर्फ बरसात के मौसम में खेती करते हैं। इसके अलावा यहां की भौगोलिक स्थिति भी ऐसी है कि पानी तालाब या कुआं में सालों भर नहीं टिक पाता है। ऐसे इलाकों में सोलर पंप किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इसके अलावा किसानों के पास सिंचाई के लिए बिजली का नहीं होना भी एक बड़ी समस्या है। जेएसएलपीएस द्वारा संचालित जोहार परियोजना के जरिए झारखंड में कृषि को बढ़ावा देने के लिए कार्य किया जा रहा है। इसके तहत किसान खास कर महिला किसानों का क्षमता निर्धारण किया जा रहा है। साथ ही उन्हें विभिन्न प्रकार की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इनमें सोलर पंप योजना भी शामिल है। इसके तहत महिलाओं के समूह को एक मोबाइल सोलर पंप दिया जाता है, जिसमें सोलर पैनल और दो पहिया रिक्शे में फिक्स किया रहता है। साथ ही इसके साथ एक मोटर पंप भी रहता है जिससे कुएं या नदीं के पानी से सिंचाई की जा सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि किसानों को सिंचाई करने के लिए बिजली का इंतजार नहीं करना पड़ता है। बिजली का नहीं करना पड़ता है इंतजार : जोहार द्वारा दिए दिए गए इस सोलर पंप से महिला किसानों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। महिला किसानों का कहना है कि पहले उन्हें सिंचाई के लिए बिजली का इंतजार करना पड़ता था। जिस समय बिजली रहती थी, ना चाहते हुए भी धूप, गर्मी और ठंड में उसी समय सिंचाई करना पड़ता था। हमेशा रात में सिंचाई करना पड़ता था। ठंड के मौसम में रात में खेत में सिंचाई करना बेहद की कष्टदायी काम होता था। इसके अलावा गर्मियों के दिनों में दोपहर में बिजली रहने पर सिंचाई करना काफी मुश्किल होता था। अब अपनी सुविधा के अनुसार कर सकते हैं सिंचाई : चान्हो प्रखंड के गणेशपुर गांव की रहने वाली महिला किसान बताती हैं कि सोलर पंप मिलने से उन्हें काफी लाभ हुआ है। अब अपने सुविधानुसार वो सिंचाई कर सकती है। उन्होंने बताया की रात में सिंचाई करने पर जंगली क्षेत्र होने के कारण हाथियों का डर रात भर बना रहता था। इसके अलावा गांव में रात में सिंचाई कर रहे किसान की सांप काटन से मौत हो गई थी। साथ ही एक किसान जो बिजली से खेतो की सिंचाई करने के लिए नदीं की ओर गया था, करंट लगने से उसकी मौत हो गई थी, क्योंकि रात में एक टॉर्च के सहारे सब कुछ देखना संभव नहीं होता है। इसलिए सोलर पंप उनके लिए काफी लाभदायी है।

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