एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को अपने जापानी समकक्ष फुमियो किशिदा के साथ द्विपक्षीय आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाने सहित विभिन्न मुद्दों पर सार्थक बातचीत की। मोदी के कार्यालय ने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री मोदी जापान के साथ मित्रता को मजबूती दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और किशिदा के बीच दिल्ली में सार्थक बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के उपायों पर विचार विमर्श किए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि मोदी और किशिदा के बीच वार्ता के एजेंडे में बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों के अलावा पारस्परिक हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दे भी शामिल थे। उन्होंने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 14वीं भारत-जापान वार्षिक शिखर वार्ता के लिए अपने समकक्ष किशिदा की आगवानी की। बातचीत के एजेंडे में हमारे बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों के अलावा पारस्परिक हितों के द्विपक्षीय संबंध शामिल हैं। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी मीडिया परामर्श के अनुसार जापानी प्रधानमंत्री रविवार सुबह आठ बजे यहां से रवाना हो जाएंगे। भारत के दौरे की समाप्ति के बाद किशिदा कम्बोडिया की यात्रा करेंगे। भारत के लिए रवाना होने से पहले किशिदा ने कहा था कि यूक्रेन पर रूसी हमला अस्वीकार्य है और हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई की कभी अनुमति नहीं दी जाएगी। जापानी प्रधानमंत्री ने कहा कि वह यूक्रेन की स्थिति पर भारत और कम्बोडिया के नेताओं से भी चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्र मोदी ने किशिदा के जापानी प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद अक्टूबर 2021 में उनसे बातचीत की थी। दोनों पक्षों ने विशेष सामरिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने की इच्छा जताई थी। यह वर्ष दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ भी मना रहा है। मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच वार्षिक शिखर वार्ता दिसम्बर 2019 में गुवाहाटी में होनी थी, लेकिन नागरिकता संशोधन कानून को लेकर वहां जारी व्यापक प्रदर्शन के कारण इसे रद्द करना पड़ा था। उसके बाद 2020 और 2021 में भी कोविड-19 महामारी के कारण इसे आयोजित नहीं किया जा सका था। भारत के लिए रवाना होने से पहले किशिदा ने कहा था कि यूक्रेन पर रूसी हमला अस्वीकार्य है और हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई की कभी अनुमति नहीं दी जाएगी। जापानी प्रधानमंत्री ने कहा कि वह यूक्रेन की स्थिति पर भारत और कम्बोडिया के नेताओं से भी चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्र मोदी ने किशिदा के जापानी प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद अक्टूबर 2021 में उनसे बातचीत की थी। दोनों पक्षों ने विशेष सामरिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने की इच्छा जताई थी। यह वर्ष दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ भी मना रहा है। मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे के बीच वार्षिक शिखर वार्ता दिसम्बर 2019 में गुवाहाटी में होनी थी, लेकिन नागरिकता संशोधन कानून को लेकर वहां जारी व्यापक प्रदर्शन के कारण इसे रद्द करना पड़ा था। उसके बाद 2020 और 2021 में भी कोविड-19 महामारी के कारण इसे आयोजित नहीं किया जा सका था।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse