एबीएन सेंट्रल डेस्क। द कश्मीर फाइल्स फिल्म हो रही आलोचना पर तृणमूल कांग्रेस नेता यशवंत सिन्हा ने कटाक्ष करते हुए ट्वीट कर कहा कि संसद से कानून पारित करवाकर फिल्म नहीं देखने वालों को जेल की सजा दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि द कश्मीर फाइल्स को पूरे भारत में टैक्स फ्री कर देना ही पर्याप्त नहीं है। संसद को चाहिए कि वो सभी भारतीयों के लिए यह फिल्म देखना अनिवार्य बनाए। यशवंत ने चुटकी लेते हुए कहा है कि संसद ऐसा कानून बनाए कि फिल्म की आलोचना करने वालों को आजीवन कारावास मिले। उन्होंने लिखा, जो लोग फिल्म नहीं देख पाते हैं, उन्हें दो साल की जबकि जो इसकी आलोचना करें, उन्हें ताउम्र कैद की सजा हो। पीएम मोदी कर चुके हैं तारीफ : इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर फाइल्स की सराहना की और अभिव्यक्ति की आजादी के झंडादरबार होने का दावा करने वालों को इसे बदनाम करने के बाबत चलाए जा रहे अभियान के लिए आड़े हाथों लिया। फिल्म की पटकथा को एक तरह से अनुमोदन करते हुए उन्होंने कहा, उनको हैरानी हो रही है कि इस सत्य को इतने सालों तक दबा कर रखा गया जो अब तथ्यों के आधार पर बाहर लाया जा रहा है। वहीं कांग्रेस ने कश्मीर फाइल्स फिल्म पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधा और कहा कि जब कश्मीरी पंडितों का कश्मीर घाटी से पलायन हो रहा था तो सिर्फ उस समय के विपक्षी नेता राजीव गांधी ने आवाज उठाई थी और संसद का घेराव किया था, लेकिन तत्कालीन वीपी सिंह सरकार को समर्थन दे रही भाजपा के नेता लालकृष्ण आडवाणी और नरेंद्र मोदी "रथयात्रा" निकालने में व्यस्त थे। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को यह बताना चाहिए कि वह कश्मीरी पंडितों का कब तक पुनर्वास करेंगे? उन्होंने संवाददाताओं से कहा, मार्टिन लूथर किंग, नेल्सन मंडेला और कई अन्य महान व्यक्तियों के प्रेरणास्रोत महात्मा गांधी जी थे। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण कि इस देश के प्रधानमंत्री को फिल्म देखकर महात्मा गांधी के बारे में ज्ञान हुआ। अब लगता है कि उन्हें फिल्म देखकर ही कश्मीरी पंडित भाई-बहनों के बारे में ज्ञान हुआ।
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