टीम एबीएन, रांची। झारखंड में अब चूड़ी पहन लो, लड़कियों की तरह मत रोओ और विधवा विलाप जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर रोक लगाई जाएगी। कांग्रेस विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान स्पीकर रबींद्रनाथ महतो से यह मांग की है। विधानसभा में महिला व बाल विकास विभाग के लिए 5742 करोड़ की अनुदान मांग पारित हो गई है। पूर्णिमा ने कहा कि महिलाओं को बराबरी का अधिकार नहीं चाहिए, महिलाओं को अपॉर्च्युनिटी चाहिए। सदन में सभी सदस्यों के द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करने की मांग पूर्णिमा नीरज सिंह ने की। महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान महिला, बाल विकास मंत्री जोबा मांझी ने कहा कि मार्च के अंत तक पोषण सखियों के सारे बकाया मानेदय का भुगतान कर दिया जाएगा। वहीं जल्द ही महिला आयोग व बाल संरक्षण आयोग का गठन भी किया जाएगा। शुक्रवार को भोजनावकाश के बाद भाजपा विधायक नीरा यादव ने कटौती प्रस्ताव रखा। मंत्री जोबा मांझी के जवाब के दौरान भाजपा विधायकों के वॉकआउट के बाद वित्तीय वर्ष 2022- 23 के लिए 5742 करोड़ के अनुदान मांग को ध्वनिमत से स्वीकृति मिली, वहीं विपक्ष का कटौती प्रस्ताव ध्वनिमत से खारिज हो गया। बजट पर सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि साल 2017 तक पोषण सखियों के लिए केंद्र सरकार से मानदेय मिलता था, लेकिन केंद्र ने इसे बंद कर दिया। पोषण सखियों के लिए सिर्फ छह जिलों में नियुक्ति हुई थी, लेकिन कुपोषण की समस्या पूरे राज्य की समस्या है, सिर्फ छह जिलों की समस्या नहीं है। मांझी ने कहा कि आने वाले समय में सरकार आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं के मानदेय बढ़ाने पर विचार कर रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री से विमर्श किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि विधवा पेंशन, महिला पेंशन समेत सारे पेंशन ससयम मिले इसके लिए भी बजट में 100 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। अनीमिया की समस्या को दूर करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
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