टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के नौवें दिन सदन ने शिक्षा विभाग की अनुदान मांग को ध्वनिमत से पारित कर दिया। भोजनावकाश के बाद सदन ने वाद-विवाद के बाद भाजपा के अनंत ओझा के कटौती प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। इसके बाद मूल प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया। इससे पहले शिक्षामंत्री जगरनाथ महतो ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विपक्षी सदस्यों से भी सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 2 वर्षां से वे सरकारी स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार के लिए प्रयासरत है। उन्होंने सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधार के लिए विपक्षी सदस्यों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि सभी मंत्री, विधायक और अधिकारी अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने का काम शुरू कर दें, तो सरकारी स्कूलों की स्थिति में तुरंत सुझाव हो जाएगा। उन्होंने पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि साल भर में 8 महीने तक पारा शिक्षक आंदोलन करते थे और स्कूलों में पठन-पाठन का काम प्रभावित होता था, लेकिन अब स्थिति में सुधार हुआ हैं। वहीं इससे पहले गुरुवार सुबह 10 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लंबित ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा शुरू हुई। सदन में विधायक प्रदीप यादव ने सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता विमल कुमार झा को जल संसाधन विभाग में पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स मॉनिटरिंग सेल में नोडल पदाधिकारी के पद पर नियुक्त करने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि उनपर अनियमितता, कदाचार और अनुशासनहीनता के आरोप हैं। प्रभारी मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने मामले की जांच मुख्य सचिव से करवाने का आश्वासन दिया।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse