एबीएन सेंट्रल डेस्क। संयुक्त अरब अमीरात द्वारा कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने की घोषणा से कच्चे तेल के भाव में नरमी आई है। बुधवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 13.20 फीसदी गिरकर 111.14 डॉलर प्रति बैरल हो गई। अप्रैल 2020 के बाद एक दिन में यह सबसे बड़ी गिरावट थी। हालांकि, गुरुवार को ब्रेंट के दाम में उछाल आया है और यह 3.5 फीसदी बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया। इससे पहले इसी हफ्ते ब्रेंट क्रूड 139 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के करीब पहुंच गया था। कीमतों का ये स्तर बीते 14 सालों में सबसे ऊंचा स्तर रहा है। रूस यूक्रेन संकट की वजह से कीमतों में एक हफ्ते में 30 प्रतिशत से ज्यादा की उछाल देखने को मिल चुका है। यूएई तुरंत 8 लाख बैरल तेल का उत्पादन बढ़ा सकता है, जो कि रूस पर लगे प्रतिबंधों से घटी सप्लाई के सातवें हिस्से की भरपाई कर देगा। वहीं आने वाले समय में ईरान से भी सप्लाई बढ़ने का अनुमान है जिससे भी आगे दबाव और कम होने का अनुमान दिया गया है। इन संकेतों को देखते हुए जानकारों ने अनुमान दिया है कि कीमतों में आगे और कमी आ सकती है। दरअसल, तेल उत्पादक देशों को भी आशंका है कि तेल कीमतों में इतने उछाल से मांग पर नकारात्मक असर पड़ेगा वहीं अर्थव्यवस्थाओं में महंगे तेल से अगर सुस्ती आती है तो कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आएगी। इसलिये ओपेक देश तेल उत्पादन बढ़ा सकते हैं। निवेशकों को 5.5 लाख करोड़ रुपये का फायदा : बाजार में शानदार तेजी से निवेशकों को बड़ा मुनाफा हुआ है। उनकी दौलत 5.50 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ गई है। बुधवार को बीएसई लिस्टेड कुल कंपनियों का मार्केट कैप 2,48,32,780.78 करोड़ रुपये था, जो आज 5,54,064.19 करोड़ रुपये बढ़कर 2,53,86,844.97 करोड़ रुपये हो गया।
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