एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन में सैन्य हमले में अब तक 9 लोगों मौत हो गई जबकि 7 अन्य घायल हो गए। वहीं हमले के बाद नाटो ने यूक्रेन और रूस के पास स्थित अपने पूर्वी किनारे में अपनी जमीनी, समुद्री बलों और वायुसेना की तैनाती को मजबूत करने पर सहमति जतायी। नाटो के दूतों ने आपातकालीन वार्ता के बाद एक बयान में कहा कि हम गठबंधन के पूर्वी हिस्से में अतिरिक्त रक्षात्मक जमीनी और वायुसेना, साथ ही अतिरिक्त समुद्री परिसंपत्ति तैनात कर रहे हैं। बयान में कहा गया कि हमने सभी आकस्मिक स्थिति का जवाब देने के लिए अपने बलों की तैयारी बढ़ा दी है। उत्तरी अटलांटिक परिषद की एक बैठक के बाद ब्रुसेल्स (बेल्जियम ) स्थित नाटो मुख्यालय में मीडिया से स्टोल्टेनबर्ग ने कहा कि हमारे पास अपने हवाई क्षेत्र की रक्षा करने वाले 100 से अधिक जेट और उत्तर से भूमध्य सागर तक समुद्र में 120 से अधिक जंगी जहाजों बेड़ा है। हम अपने गठबंधन को हमले से बचाने के लिए जो भी जरूरी होगा, वह करेंगे। बता दें कि नाटो के 30 सदस्य देशों में से कुछ यूक्रेन को हथियार, गोला-बारूद और अन्य उपकरणों की आपूर्ति कर रहे हैं। नाटो यूक्रेन के समर्थन में कोई सैन्य कार्रवाई शुरू नहीं करेगा, जो उसका एक करीबी भागीदार है। संघर्ष के निकटतम देश - एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया और पोलैंड - नाटो की स्थापना संधि के अनुच्छेद 4 के तहत दुर्लभ परामर्श शुरू करने वालों में शामिल हैं, जो तब किया जा सकता है जब क्षेत्रीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता या किसी की (नाटो सदस्यों में से किसी की) सुरक्षा खतरे में होती है। दूतों ने कहा कि हमने सभी सहयोगियों की रक्षा के लिए अपनी रक्षात्मक योजना के अनुरूप, गठबंधन में प्रतिरोधक क्षमता और रक्षा को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि हमारे कदम एहतियाती, आनुपातिक और गैर-उकसावे वाले हैं।
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