एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस ने भले ही कहा हो कि वह यूक्रेन बॉर्डर से अपने सैनिकों को वापस बुला रहा है लेकिन अमेरिका ने उसकी बात पर भरोसा नहीं किया। NATO के एक अधिकारी ने कहा कि अब स्टाफ को यूक्रेन की राजधानी से पश्चिमी शहर लीव में शिफ्ट किया जा रहा है। इसके अलावा बेल्जियम में भी अधिकारियों को भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा, हमारे कर्मचारियों की सुरक्षा बहुत जरूरी है इसलिए उन्हें कीव से लीव और ब्रुसेल्स में शिफ्ट किया गया है। कई अन्य पश्चिमी देशों ने पहले ही अपने राजनयिकों को कीव से हटाकर दूसरे शहर भेज दिया है। लीव शहर पोलैंड के बॉर्डर पर है और इसके आसपास रूस की सेना नहीं है। वहीं बुसेल्स में NATO का हेडक्वार्टर भी है। अमेरिका की अगुआई वाले NATO और जो बाइडन ने कहा था, रूस कुछ ही हफ्ते में यूक्रेन को निशाना बनाने जा रहा है और पहला टारगेट कीव हो सकता है। यूक्रेन NATO का सदस्य नहीं है और यहां इसकी कोई फोर्स भी नहीं है। हालांकि 1990 के बाद से कीव में NATO ने अपने दो दफ्तर बनाए थे। एक दफ्तर इसलिए बनाया गया था ताकि नाटो और यूक्रेन सरकार के बीच संवाद स्थापित हो सके और रक्षा, सुरक्षा के मामले पर ध्यान रखा जा सके। NATO चीफ ने कहा, रूस के सारे लक्षण बता रहे हैं कि वह पूरी ताकत से यूक्रेन पर हमला करने की योजना बना रहा है। हम सब इस बात पर सहमत हैं कि हमले के चांस बहुत ज्यादा हैं। पहले नाटो चीफ ने यह भी कहा था कि यूक्रोन की रक्षा के लिए कोई फोर्स नहीं तैनात की जाएगी। हालांकि अब NATO के सदस्य देशों ने यूक्रेन के पड़ोसी देशों में अपनी सेनाएं भेज दी हैं। नाटो चीफ ने भी कहा है कि रूस की तरफ से अगर हमला किया जाता है तो उसका जवाब भी दिया जाएगा।
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