टीम एबीएन, गुमला। समेकित जनजातीय विकास अभिकरण गुमला (आईटीडीए) के तत्वावधान में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजनांतर्गत सदर प्रखंड के चयनित लाभुकों के बीच बकरा-बकरी, बत्तख-चूजा वितरण हेतु पशुधन वितरण कार्यक्रम का आयोजन नगर भवन में किया गया। परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम में बकरा विकास योजना अंतर्गत 34 तथा बत्तख-चूजा वितरण योजनांतर्गत 30, कुल 64 लाभुकों के बीच पशुधन का वितरण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा सहित मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा ने कहा कि यह योजना ग्रामीण जनता की आर्थिक गतिविधियों को क्रियाशील तथा उनके आर्थिक स्थिति को उन्नत करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। जहां बकरा विकास योजनांतर्गत लाभुकों को ब्लैक बंगाल नस्ल की चार बकरी एवं एक बकरा दिया जा रहा है। वहीं बत्तख-चूजा वितरण योजनांतर्गत 15 ईकाई लो-इनपुट बत्तख-चूजों का वितरण किया जा रहा है। आज पशुधन के साथ-साथ पशुओं की उचित देखभाल हेतु पशुओं का चारा तथा उनकी देखरेख हेतु आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। जो पशुधन आज आपको उपलब्ध कराए जा रहे हैं उन्हें सुरक्षित रखें। उनका उचित देखभाल कर आप अपने आय के स्रोत में वृद्धि कर सकते हैं तथा आर्थिक रूप से सुदृढ़ बन सकते हैं। उन्होंने इन पशुधन का उचित उपयोग करने पर विशेष बल दिया। साथ ही उन्होंने लाभुकों से इन योजनाओं के अतिरिक्त पशुपालन विभाग, कृषि विभाग एवं अन्य विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी एवं आय संवर्धनीय योजनाओं का भी लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद उपाध्यक्ष केडीएन सिंह ने कहा कि पशुधन सबसे बड़ा धन है। अत: आज वितरित किए जाने वाले पशुधन की आप रक्षा तथा उचित देखभाल करते हुए उनका विकास करें। पशुओं के उचित देखभाल हेतु अपने खेती योग्य भूमि में सब्जियों एवं फलों को उगाएं, जिनका उपयोग आप अपने पशुओं के लिए चारे के रूप में कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उपलब्ध कराए जाने वाले पशुधन का दुरूपयोग न करें। यदि 15 दिनों के अंदर पशुओं की मृत्यु हो जाए, तो आप इसकी त्वरित सूचना कल्याण विभाग को अवश्य दें, ताकि आपको पुन: पशु उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने लाभुकों से कहा कि वे जागरूक बनें। जागरूकता से ही वे अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले पाएंगे। उन्होंने ग्रामीणों से पशुपालन के अतिरिक्त कृषि कार्यों, मत्स्यपालन सहित अन्य कार्यों में भी संलग्न होते हुए अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की अपील की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता ने कहा कि यह सिर्फ एक योजना मात्र नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की एक मजबूत कड़ी है। उन्होंने आगे कहा कि ग्रामीणों के पास केवल दो ही अर्थव्यवस्थाएं है यथा- कृषि एवं पशुपालन। यदि आप सभी कृषि एवं पशुपालन संबंधित कार्यों से जुड़ते हैं तो आपके आर्थिक स्थिति का संवर्धन भी संभव हो सकता है, और न सिर्फ आपके आर्थिक स्थिति का ही संवर्धन संभव हो सकता है बल्कि आप विकास के पथ पर भी अग्रसर हो सकते हैं। आप बहुफसली खेती को अपनाकर तथा पशुपालन कर अपने जीवन में बदलाव ला सकते हैं। जिससे आप अपने बच्चों को शिक्षित कर उनके भविष्य का निर्माण भी कर सकते हैं। इसी तरह राज्य सरकार द्वारा कृषि कार्यों को सुगमतापूर्वक संपादित करने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड योजना संचालित की जा रही है। कृषकों को कृषि कार्यों के लिए किसी महाजन के पास जाना न पड़े, इस उद्देश्य से केसीसी योजना का क्रियान्वयन किया गया है। अत: उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लाभुकों को केसीसी का भी लाभ दिलाने हेतु सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देशित किया। इसके अलावा उन्होंने इस तरह के क्रायक्रम को अनुमंडल स्तर पर भी आयोजित करने की अपील की। कार्यक्रम में स्वागत भाषण करते हुए परियोजना निदेशक आईटीडीए इंदु गुप्ता ने योजना की जानकारी साझा करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजनांतर्गत पशुधन आपूर्ति हेतु कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग झारखंड के निदेर्शानुसार गुमला जिलांतर्गत बकरा विकास एवं बत्तख चूजा वितरण योजना हेतु पशुधन की आपूर्ति करने की स्वीकृति प्राप्त की गई थी। उक्त के आलोक में सदर प्रखंड में बकरा विकास एवं बत्तख चूजा वितरण हेतु सदर प्रखंड स्तरीय समिति से अनुमोदित तदोपरांत जिला स्तरीय समिति से बकरा विकास योजना हेतु 34 तथा बत्तख पालन विकास योजना हेतु 30 लाभुकों के बीच आज पशुधन का वितरण किया जा रहा है। उक्त पशुओं की आपूर्ति पशुपालन विभाग द्वारा चिन्हित आपूर्तिकर्ता अमरदीप कुमार सचिव स्वयं सेवी संस्था छोटानागपुर विकास निधि हीरानगर सालेगुटू कामडारा के द्वारा किया जा रहा है। योजनांतर्गत आपूरित की जाने वाले पशु-पक्षी से संबधित ब्यौरा साझा करते हुए उन्होंने बताया कि बकरा विकास योजनांतर्गत ब्लैक बंगाल नस्ल की चार बकरी 04-04 हजार रुपए व एक बकरा 05 हजार कुल 21 हजार रुपए मात्र के होंगे। बकरा-बकरी को पीपीआर टीकौष्धि से टीकाकरण एवं क्वारनटाइन में रखने के बाद ही नियमानुसार स्वस्थ बकरा-बकरी लाभुकों को उलब्ध कराया जाएगा। वहीं बत्तख पालन विकास योजना के तहत आपूर्तिकर्ता के द्वारा बत्तख पालन हेतु 15 लो इनपुट बत्तख चूजे लाभुकों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके पश्चात् लाभुकों के घर की दीवार पर योजना का ब्यौरा एवं चयनित लाभुक के नाम एवं पता आपूर्तिकर्ता द्वारा दीवार लेखन के माध्यम से अंकित भी किया जाएगा। बत्तख पालन विकास योजना हेतु दवा, टीकौष्धि एवं रात्रि आवासन हेतु छज्जे की व्यवस्था आपूर्तिकर्ता के द्वारा की जाएगी। उन्होंने आगे बताया कि बकरा विकास योजना के तहत आपूर्तिकर्ता प्रत्येक बकरी एवं बकरे का बीमा कराकर बीमे के कागजात लाभुक को उपलब्ध कराएंगे। बीमा 08 प्रतिशत के दर से कुल 1680 रुपए मात्र होगा। इसके साथ ही आज कार्यक्रम के माध्यम से आपूर्तिकर्ता द्वारा प्रत्येक लाभुक 1000 रुपए मात्र की दवाएं तथा डीवॉर्मर भी उपलब्ध कराया जा रहा है। बकरा विकास योजनांतर्गत आपूर्तिकर्ता द्वारा प्रति लाभुक 1120 रुपए की दर से पशुओं के खाद्य सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा लाभुकों को किए गए आपूर्ति के आधार पर निर्धारित दर के अनुरूप लाभुकों द्वारा राशि का भुगतान किया जाएगा। इसके बाद मुख्य अतिथि सहित मंचासीन अतिथियों द्वारा 64 लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। उक्त लाभुकों में बकरा विकास योजना के तहत जयमुनी कच्छप, बिरजिनिया देवी, सनिता देवी तथा बत्तख पालन विकास योजनांतर्गत बासुदेव उरांव, भीखम उरांव, जुड़न उरांव, राधा देवी, नीमा कुमारी, रायमुनी कुमारी आदि शामिल थे। कार्यक्रम में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा, जिला परिषद उपाध्यक्ष केडीएन सिंह, परियोजना निदेशक आटीडीए इंदु गुप्ता, अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता, जिला कल्याण पदाधिकारी अजय जेराल्ड मिंज, सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी सुकेशनी केरकेट्टा, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी गुमला, सचिव स्वयंसेवी संस्था छोटानागपुर विकास निधि हीरानगर सालेगुटू कामडारा, सांसद प्रतिनिधि, ग्रामीण लाभुक सहित अन्य उपस्थित थे। कार्यक्रम में मंच संचालन स्वपन कुमार राय द्वारा किया गया।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse