एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रेलवे ने नागपुर और मुंबई के बीच जो बुलेट ट्रेन संचालित करने का प्रस्ताव रखा है, उसके माध्यम से लगभग 766 किलोमीटर की दूरी महज साढ़े तीन घंटों में पूरी की जा सकेगी। इस ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 350 किलोमीटर प्रतिघंटा होगी। वर्तमान में यह दूरी तय करने में कम से कम 12 घंटे का समय लगता है। केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने शनिवार को कहा कि प्रस्तावित मुंबई-नागपुर हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) इस महीने के अंत तक या मार्च के पहले सप्ताह तक तैयार हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस समय ऐसे सात कॉरिडोर के लिए बुलेट ट्रेन की डीपीआर का काम किया जा रहा है। 70 फीसदी जमीन है, 30 फीसदी का अधिग्रहण करना होगा : दानवे ने कहा, इमने इस सुपरफास्ट ट्रेन का प्रस्ताव समृद्धि हाईवे प्रोजेक्ट के साथ रखा है। हमारे लिए अच्छी बात यह है कि 70 फीसदी भूमि पहले ही हमारे पास है। हमें निजी पक्षों से केवल 30 फीसदी जमीन का अधिग्रहण करने की आवश्यकता है। बुलेट ट्रेन से दोनों शहरों के बीच परिवहन का एक बेहतर विकल्प मिल सकेगा। परियोजना के लिए किसानों को जमीन छोड़नी नहीं पड़ेगी : उन्होंने इस परियोजना को लेकर कहा कि नागपुर से इगतपुरी तक भूमि का अधिग्रहण करने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि ट्रेन समृद्धि हाईवे के पास चलेगी। इगतपुरी से मुंबई तक भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता होगी। दानवे ने कहा कि किसानों को जमीन नहीं छोड़नी पड़ेगी क्योंकि पूरा कॉरिडोर एलिवेटेड ट्रैक पर होगा। डीपीआर रिपोर्ट में मिलेगी स्टेशनों की संख्या की जानकारी : केंद्रीय मंत्री ने कहा, इगतपुरी के बाद एक मोड़ पड़ता है जहां से हमें ट्रेन का रास्ता बदलना पड़ेगा। डीपीआर रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया जाएगा कि ट्रेन के रास्ते में स्टेशनों की संख्या कितनी होगी। परियोजना के दायरे में 10 जिलों के आने की उम्मीद है लेकिन स्टेशनों की संख्या कितनी होगी, ये अभी स्पष्ट नहीं है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse