...नियुक्ति दीजिए या फिर मृत्यु : पंचायत सचिव

 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने वर्ष 2017 में पंचायत सचिव की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया शुरू की थी। इस नियुक्ति को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा भी दी। परीक्षा होने के बाद रिजल्ट भी प्रकाशित किए गए और सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र की जांच भी की गई। लेकिन अब तक नियुक्त पत्र नहीं दिया गया। नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर पंचायत सचिव अभ्यर्थी सोमवार से राजभवन के समक्ष भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। वर्ष 2017 में 3088 पंचायत सचिव के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई, जो 5 वर्षों से अब तक अधूरी है। लिखित परीक्षा के बाद सफल अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन भी हो चुका है। लेकिन अब तक मेधा सूची जारी नहीं की गई। सितंबर 2019 से प्रक्रिया लंबित है। पंचायत चुनाव के पहले पंचायत सचिव पद पर नियुक्ति की मांग को लेकर सफल अभ्यर्थियों की ओर से अंतिम मेधा सूची प्रकाशित करने को लेकर आंदोलन शुरू किया है। रघुवर सरकार के दौरान भी पंचायत सचिव अभ्यर्थियों ने आंदोलन किया था। आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने बताया कि हेमंत सरकार से काफी उम्मीदें थी कि नियुक्ति पत्र जरूर मिल जाएगी। लेकिन इस सरकार में भी छलावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नियुक्ति की मांग को लेकर राजभवन के समक्ष भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने कहा कि आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का मैरेज एनिवर्सरी है और आज ही के दिन युवा सड़कों पर बैठकर भूख हड़ताल कर रहे हैं। पंचायत सचिव अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि मेधा सूची जारी करते हुए नियुक्ति सुनिश्चित कराए, अन्यथा अभ्यर्थी उग्र आंदोलन करने को लेकर मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिव अभ्यर्थियों ने अपना चप्पल उतार कर मैसेज देने की कोशिश की है कि अब वो काफी परेशान हो गए हैं। हाथों में लिए पंपलेट के जरिए वह कह रहे हैं कि नियुक्ति दीजिए या फिर उन्हें मृत्यु ही दे दी जाए।

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