"गंगा किनारे" योजना से क्या होगा यूपी-उत्तराखंड और बिहार-झारखंड को फायदा, यहां जानें...

 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में वित्त वर्ष 2022-23 का बजट पेश किया। खेती और किसानी के लिए कई घोषणाएं करते हुए वित्त मंत्री ने गंगा किनारे चलाई जाने वाली एक ऐसी योजना का भी ऐलान किया, जिससे उत्तराखंड, यूपी, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को फायदा होगा। केंद्र सरकार ने गंगा किनारे नेचुरल फार्मिंग को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई है। बजट पर पहली प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने भी इसकी तारीफ की। सरकार किसानों की आय बढ़ाने और रसायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने के उद्देश्य से गंगा नदी के किनारे रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती को बढावा देगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट में कहा कि रसायनों का उपयोग न करके प्राकृतिक खेती पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने कहा, देशभर में रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा जिसके प्रथम चरण में गंगा नदी से सटे पांच किमी के दायरे में आने वाली किसानों की जमीनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बजट में फसल के बाद मूल्य संवर्धन, घरेलू खपत को बढ़ाने और उत्पादों की घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड्रिंग करने के लिए प्रावधान किया गया है। पीएम मोदी ने कहा, भारत के कोटि-कोटि जनों की आस्था, मां गंगा की सफाई के साथ-साथ किसानों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। उत्तराखंड, यूपी, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, इन राज्यों मे गंगा किनारे नेचुरल फार्मिंग को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे मां गंगा की सफाई का जो अभियान है, उसमें गंगा को केमिकल मुक्त करने में मदद मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि बजट के प्रावधान यह सुनिश्चित करने वाले हैं कि कृषि लाभप्रद हो। इसमें नए अवसर हों। नए एग्रीकल्चर स्टार्टअप को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष फंड हो या फूड प्रोसेसिंग उद्योग के लिए पैकेज, इससे किसानों की आय बढ़ाने में बहुत मदद मिलेगी।

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