टीम एबीएन, गुमला। उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजनांतर्गत लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्रों की उपलब्धता, बेसलाइन सर्वे से बाहर निर्मित शौचालयों का पुन: बेसलाइन एवं आईएमआईएस में अद्यतन आदि संबंधित विषयों पर समीक्षा हेतु बैठक का आयोजन नगर भवन गुमला में किया गया। बैठक में सदर प्रखंड, भरनो, रायडीह, घाघरा एवं बिशुनपुर प्रखंडों के सभी मुखिया एवं जल सहिया को बताया गया कि उनके द्वारा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजनांतर्गत प्रथम चरण में बेसलाइन सर्वे के तहत पंचायतों में शौचालयों का निर्माण कराया गया था, जिसका आंशिक उपयोगिता प्रमाण पत्र ही उपलब्ध कराया गया है तथा उपलब्ध उपयोगिता प्रमाण पत्रों के आएमआईएस जाँच में पाया जा रहा है कि सभी मुखिया एवं जल सहिया से संबंधित पंचायतों में बेसलाइन से बाहर शौचालयों का निर्माण कराया गया है जिन्हें आईएमआईएस में अद्यतन एवं शिफ्ट करने की आवश्यकता है, जिसके लिए संबंधित लाभुकों की आधार संख्या अनिवार्य है। विदित हो कि जिले में 36 हजार ऐसे लाभुक हैं जिनके शौचालयों का निर्माण बेसलाइन के बाहर किया गया है। वहीं 28 हजार शौचालयों का जियोटैगिंग का कार्य लंबित है। उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा ने 36 हजार लाभुक जिनके शौचालयों का निर्माण बेसलाइन के बाहर किया गया है, का ग्रामवार एवं पंचायतवार आधार संख्या तथा उनका नाम भरकर उपलब्ध कराए गए प्रपत्र में अंकित कर आधार कार्ड की छायाप्रति संलग्न कर अपने संबधित प्रखंड समन्वयक एवं कनीय अभियंता के माध्यम से 05 फरवरी तक प्रकल्प कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश पांचों प्रखंडों के मुखिया एवं जल सहियाओं को दिया। साथ ही अवशेष उपयोगिता प्रमाण पत्र जिसे मुखिया एवं जल सहियाओं द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया है, उसे भी प्राथमिकता के आधार पर 05 फरवरी तक अपने संबधित प्रखंड समन्वयकों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समयावधि के अंदर लंबित कार्यों को पूर्ण करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने 28 हजार वैसे शौचालय जिनका जियोटैगिंग का कार्य लंबित है उन शौचालयों का जियोटैगिंग का कार्य भी पूर्ण कराने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने कार्य में शिथिलता बरतने पर संबंधित मुखिया/ जलसहिया के विरूद्ध कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त कर्ण सत्यार्थी ने 36 हजार लाभुकों का नाम पुन: बेसलाइन सर्वे की सूची में अद्यतन कराने हेतु उक्त लाभुकों के आधार कार्ड की छायाप्रति अथवा आधार कार्ड का फोटो खींचकर अपने संबंधित कनीय अभियंता को उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने सभी मुखिया एवं जल सहिया को बताया कि औ? शौचालयों का निर्माण करने से पूर्व प्रथम चरण में लंबित कार्यों को पहले पूर्ण करें। उन्होंने अगले तीन दिनों के अंदर युद्धस्तर पर लंबित कार्यों को पूर्ण करने का निर्देश दिया। अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता ने बताया कि गुमला जिले में लगभग 77 करोड़ की उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित हैं। इन सभी लंबित उपयोगिता प्रमाण पत्रों को उन्होंने अविलंब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही ग्रामवार एवं पंचायतवार निर्मित शौचालयों का बेसलाइन सर्वे के तहत सत्यापन भी सुनिश्चित करने पर बल दिया। सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद ने बताया कि गुमला जिलांतर्गत 180 करोड़ की राशि बेसलाइन के तहत शौचालय निर्माण हेतु दिया गया था। जिसमें से 103 करोड़ के उपयोगिता प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं। शेष 77 करोड़ के उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित हैं। इस संबंध में उन्होंने पाँचों प्रखंडों के मुखिया, जल सहिया, प्रखंड समन्वयक एवं कनीय अभियंताओं को अगले तीन दिनों के अंदर अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत लाभुकों के आधार कार्ड की छायाप्रति प्रपत्रों में संलग्न करते हुए उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि लंबित वित्तीय प्रविष्टियों का कार्य भी समय पर पूर्ण कराया जा सके। साथ ही उन्होंने बताया कि निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण नहीं करने पर संबंधित मुखिया, जल सहिया आदि पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नगर भवन में आयोजित बैठक में उपायुक्त शिशिर कुमार सिन्हा सहित उप विकास आयुक्त कर्ण सत्यार्थी, अपर समाहर्त्ता सुधीर कुमार गुप्ता, सदर अनुमंडल पदाधिकारी रवि आनंद, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी मंतोष कुमार मणि, गुमला/ भरनो/ रायडीह/ घाघरा/ बिशुनपुर प्रखंडों की मुखिया, जल सहिया, प्रखंड समन्वयक, कनीय अभियंता, पीएचईडी विभाग के क्रमीगण व अन्य उपस्थित थे।
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