टीम एबीएन, रांची। प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के झारखंड इकाई की ओर से आगामी 30 जनवरी को स्कूलों को खोलने के लिए एकदिवसीय विचार गोष्ठी का आयोजन प्रेस क्लब में किया जा रहा है। इस विचार गोष्ठी में पासवा के प्रदेश पदाधिकारियों और जिला अध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है। सोशल डिस्टेसिंग और कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया है इसके माध्यम से राज्य में स्कूलों को खोलने के लिए सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति पर चर्चा होगी। पासवा के प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार दूबे ने आज बताया कि झारखंड में पिछले 22 महीने से पूरे राज्य में स्कूल बंद है, वहीं कुछ समय के लिए 5वीं कक्षा से ऊपर के स्कूल खुले थे, लेकिन महीने-दो महीने में ही एक बार से स्कूलों को बंद कर देना पड़ा, अब स्थितियां भी तेजी से सामान्य हो रही है और बाजार, मॉल और सिनेमा हॉल खुल गये है, ऐसे में सिर्फ स्कूलों को ही बंद रखना उचित नहीं है। पासवा स्कूल खोलने को लेकर अगर जरुरत पड़ी तो सड़कों पर उतरने को भी तैयार है। प्रदेश उपाध्यक्ष लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए राज्य सरकार को अब स्कूल खोलने पर अविलंब निर्णय लेना चाहिए, क्योंकि ओर जहां बोर्ड परीक्षाएं होने वाली है, वहीं अन्य क्लास की वार्षिक परीक्षाएं भी आयोजित की जानी है, ऐसे में बिना पढ़ाई कराये, बच्चों को सिर्फ दूसरी कक्षा में प्रोन्नति दे दिये जाने से उनके ज्ञान-अध्ययन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। प्रदेश महासचिव डॉ राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि पासवा की ओर से स्कूलों को खोलने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, वित्तमंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के अलावा मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव समेत अन्य अधिकारियों को भी ज्ञापन सौंपा गया है एवं अनुरोध किया गया है कि कक्षा नर्सरी से ऊपर तक के बच्चों का स्कूल खोला जाए भले ही एक क्लास रुम में 10 ही बच्चों को बैठाया जाए।
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