चतरा। सदर प्रखंड अंतर्गत जांगी पंचायत के जांगी गांव निवासी जागेश्वर भुईयां की मौत के बाद दो बच्चों के साथ उसकी पत्नी आज दर-दर भटकने को मजबूर है। इसके पास न तो रहने का घर ही है और न ही भोजन की सुविधा। स्थिति इतनी बदतर है कि पति जागेश्वर भुइयां की मौत के बाद किरण देवी को उसकी बहन ने अपने घर मे आश्रय दिया है। पति के अंतिम संस्कार के लिए भी पास में फूटी कौड़ी तक नहीं थी। इस परिस्थिति में चतरा के स्वयं सेवी संस्था रोटी बैंक ने मदद का हाँथ बढ़ाया है। रोटी बैंक के सचिव ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि जांगी गांव के जागेश्वर भुइयां की लंबी बीमारी से मौत हो गयी थी। उनके परिवार के पास अन्न का एक दाना नहीं था। ऐसे में आटा, चावल, नमक, दाल व नगद राशी देकर पीड़ित परिवार के जख्मों पर मरहर लगाने का प्रयास किया है। वहीं आश्रय और भोजन के लिए तरस रही भुक्तभोगी किरण देवी ने सरकार से इंदिरा आवास और रोजगार की मांग की है। कहा है कि पैसे के अभाव में वे अपने बीमार पति का समुचित इलाज नहीं करा सकी, जिसके कारण आज उसके बच्चों के सर से पिता का साया उठ चुका है। किरण ने बताया कि आबू ए अपने छोटे-छोटे बच्चों का पालन पोषण कैसे करेगी इसकी चिंता उसे सताए जा रही है। इधर स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी जिला प्रशासन से पीड़ित किरण को सहयोग करने की अपील की है।
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