टीम एबीएन, गुमला। उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउण्डेशन ट्रस्ट मद (डीएमएफटी) अंतर्गत प्रबंधकीय समिति एवं न्यास परिषद की बैठक आईटीडीए भवन सभागार में की गई। बैठक में गत बैठक की कार्यवाही को अनुमोदित किया गया। खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास के दृष्टिकोण से आवश्यकताओं के आलोक में घटनोत्तर स्वीकृति प्राप्त की गई। जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट के अंतर्गत प्राप्त मार्गनिर्देश के अनुसार खनन प्रभावित क्षेत्रों में आवासित नागरिकों के लिए उपलब्ध संसाधन का 60 प्रतिशत पेयजलापूर्ति पर्यावरण सुधार तथा प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य, शिक्षा, आंगनबाड़ी केंद्र के कल्याणार्थ योजनाओं से संबंधित कार्य कराए जाने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त अन्य प्रभावित क्षेत्रों में 40 प्रतिशत राशि भौतिक संरचना सिंचाई, ऊर्जा एवं जल संरक्षण विकास एवं अन्य योजनाओं पर व्यय किए जाने का प्रावधान है। बैठक में पूर्व अध्यक्ष जिला परिषद किरण माला बाड़ा ने सिसई प्रखंड के नगर पंचायत स्थित लमकी ग्राम में जलमीनार एवं पीसीसी पथ निर्माण की आवश्यकता बताई। गुमला विधायक भूषण तिर्की के प्रतिनिधि द्वारा गुमला जिलांतर्गत अति खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उक्त क्षेत्रों में अवस्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने का प्रस्ताव रखा गया। इसी तरह बिशुनपुर प्रखंड के प्रमुख द्वारा लिफ्ट इरिगेशन माध्यम से पेयजलापूर्ति की आवश्यकता बताई गई। जिसपर उपायुक्त ने वैसे गांव जहां लिफ्ट इरिगेशन से जलापूर्ति संभव है उनका नाम प्रस्तावित करने की बात कही। इसके साथ ही बिशुनपुर प्रखंड से चैनपुर प्रखंड को मिलाने वाला लोंगा पुल (कोयल नदी के ऊपर स्थित) के जीर्ण-शीर्ण अवस्था में होने की जानकारी दी गई। जिसपर उप विकास आयुक्त ने कार्यपालक अभियंता ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल को इसकी जाँच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसी प्रकार बिशुनपुर प्रखंड के नरमा पंचायत की मुखिया द्वारा प्रखंड के पठारी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल करने का अनुरोध किया गया। उप प्रमुख घाघरा प्रखंड द्वारा रूकी पंचायत के ग्राम जलका में मुख्य पथ में पुलिया एवं गार्डवाल निर्माण, बिमरला पंचायत में रूकी घाटी से बरांग तक पीसीसी पथ निर्माण तथा रूकी पंचायत के पाढ़ा बसार टोली में मिनी जलमीनार निर्माण संबंधी प्रस्ताव रखा गया। बैठक में समिति के सदस्यों द्वारा उपलब्ध कराए गए योजनाओं की विवरणी को क्रियान्वयन हेतु स्वीकृत किया गया। बैठक में उपायुक्त ने समिति के सदस्यों से अति खनन प्रभावित क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता देते हुए वहां विकास के कार्यों को मूर्त रूप देने हेतु योजनाओं का चयन करने का अनुरोध किया। इसके अलावा बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए जिला खनिज फाउण्डेशन ट्रस्ट मद (डीएमएफटी) से जिलास्तर पर पीएमयू (प्रोग्राम मैनेजिंग यूनिट) के गठन की भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा, पूर्व अध्यक्ष जिला परिषद किरण माला बाड़ा, उप विकास आयुक्त कर्ण सत्यार्थी, सिविल सर्जन डॉ.राजू कच्छप, प्रभारी पदाधिकारी जिला विकास शाखा मोनिका रानी टूटी, कार्यपालक अभियंता ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, जिला अभियंता जिला परिषद, कार्यालय अधीक्षक शशि कुमार मिश्रा, माननीय मंत्री सह सासंद अर्जुन मुण्डा/ लोहरदगा सांसद सुदर्शन भगत /राज्यसभा सांसद समीर उरांव/ गुमला विधानसभा क्षेत्र के सविस भूषण तिर्की/ बिशुनपुर विधानसभा क्षेत्र के सविस चमरा लिंडा के प्रतिनिधि, खनन प्रभावित क्षेत्रों के प्रमुख/ उप प्रमुख/ मुखिया व अन्य उपस्थित थे
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