एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि राज्यों की झांकियों का चयन एक स्थापित प्रक्रिया के तहत पारदर्शी तरीके से होता है। उन्होंने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की झांकियों को गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल नहीं किये जाने पर हुए विवाद पर यह कहा। राजनाथ ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को खत लिखकर बताया कि अंतिम समय में उनकी झांकियों को शामिल किए जाने का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जा सकता क्योंकि इसकी एक निर्धारित प्रक्रिया है।रक्षा मंत्री ने कहा कि परेड में भाग लेने वाली झांकियों की चयन प्रक्रिया बहुत पारदर्शी है। कला, संस्कृति संगीत और नृत्य विधाओं के प्रख्यात विद्वानों की समिति राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की ओर से भेजे गए प्रस्तावों के कई दौर के मूल्यांकन के बाद निर्णय लिया जाता है। उन्होंने ममता बनर्जी से कहा कि सीपीडब्ल्यूडी ने अपनी झांकी में नेताजी सुभाषचंद्र बोस को उनकी 125वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी है। चूंकि सीपीडब्ल्यूडी की झांकी पहले से ही नेताजी को समर्पित रही है, इसलिए पश्चिम बंगाल की झांकी को इसमें शामिल नहीं किया गया। राजनाथ सिंह ने चिट्ठी में लिखा है, हमारी सरकार ने ही 1943 में नेताजी के नेतृत्व में बनी भारत की निर्वासित सरकार की 75वीं वर्षगांठ 2018 में भव्य रूप से मनाई थी और गणतंत्र दिवस परेड में आजाद हिंद फौज के जीवित सेनानियों को शामिल कर सम्मानित किया था। उधर, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने राज्य की झांकी को शामिल न किए जाने फैसले पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि यह आहत करने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्य की खारिज की गई झांकी को चेन्नई में आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में शामिल किया जाएगा।
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