एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने टेस्ट क्रिकेट में खराब रोशनी की स्थिति के दौरान गुलाबी गेंद के इस्तेमाल की अनुमति देने के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस कदम से मैचों का परिणाम निकालने की संभावना बढ़ेगी और खेल का अधिकतम समय सुनिश्चित किया जा सकेगा।
आईसीसी बोर्ड की हालिया बैठक में यह फैसला लिया गया कि दोनों टीमों की सहमति होने पर पारंपरिक दिन के टेस्ट मैचों में भी खराब रोशनी की स्थिति में गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया जा सकेगा। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत मैच की शुरुआत लाल गेंद से होगी, लेकिन यदि प्रकाश की समस्या आती है तो फ्लडलाइट्स के नीचे गुलाबी गेंद का उपयोग कर खेल जारी रखा जा सकेगा।
अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच से पहले मीडिया से बातचीत में गंभीर ने कहा, मुझे यह फैसला पसंद है। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि अगर मैच का परिणाम निकालने का अवसर मौजूद है तो उसे हर हाल में हासिल करने की कोशिश की जानी चाहिए।
गंभीर ने इस नियम के महत्व को समझाते हुए कहा कि कई बार खराब रोशनी के कारण मैच का पर्याप्त खेल नहीं हो पाता, जिससे परिणाम प्रभावित होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने के लिए निर्णायक मुकाबला खेल रही हो और खराब रोशनी के कारण मैच का नतीजा ही न निकल पाए, तो यह खेल के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा।
उन्होंने कहा, कल्पना कीजिए कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले आप आखिरी टेस्ट खेल रहे हों और जीत के साथ फाइनल में जगह बनाने की संभावना हो, लेकिन खराब रोशनी के कारण मैच का परिणाम न निकल पाए। अगर दोनों टीमें सहमत हों और परिणाम निकालने का अवसर मिले, तो मैं इसके पूरी तरह पक्ष में हूं।
गंभीर ने माना कि एक ही मैच के दौरान लाल गेंद से गुलाबी गेंद में बदलाव खिलाड़ियों के लिए आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि गेंद के व्यवहार और दृश्यता में अंतर होने के कारण बल्लेबाजों और गेंदबाजों को नई परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना पड़ेगा। उन्होंने कहा, मैं जानता हूं कि खिलाड़ियों के लिए यह बदलाव कुछ कठिन और अनिश्चित हो सकता है, लेकिन जब दो वर्षों की मेहनत दांव पर लगी हो, तब परिस्थितियों के अनुरूप ढलना ही होगा।
गंभीर के समर्थन के पीछे व्यावहारिक कारण भी हैं। भारत को फरवरी-मार्च में घरेलू मैदान पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी खेलनी है। सीरीज का तीसरा टेस्ट गुवाहाटी और अंतिम टेस्ट रांची में प्रस्तावित है। देश के पूर्वी हिस्से में सूर्यास्त अपेक्षाकृत जल्दी होने के कारण अक्सर खेल के ओवर प्रभावित होने की आशंका रहती है।
आईसीसी द्वारा स्वीकृत यह नया नियम 1 अक्तूबर से प्रभावी होगा। क्रिकेट जगत का मानना है कि इससे खराब रोशनी के कारण खेल रुकने की समस्या कम होगी और टेस्ट मैचों में परिणाम निकलने की संभावना बढ़ेगी।
गंभीर ने अंत में कहा, अगर खराब किस्मत के कारण पांच दिनों तक पर्याप्त खेल ही न हो पाए तो उससे बड़ी अनिश्चितता और क्या होगी? मुझे लगता है कि यह एक सकारात्मक कदम है और उम्मीद है कि टीमें भी इसे सकारात्मक दृष्टिकोण से अपनाएंगी।
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