स्पर्श कुष्ठ से निपटने को लेकर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर जोर

 

  • स्पर्श कुष्ठ से निपटने को लेकर विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर जोर
  • स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान को लेकर स्टेट कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठक, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर जोर

टीम एबीएन, रांची। स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में स्टेट कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ लेप्रसी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी।

बैठक में पंचायती राज विभाग की निदेशक राजेश्वरी बी, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, स्टेट लेप्रोसी आफिसर डॉक्टर अनिल कुमार, शिक्षा विभाग के पदाधिकारी तथा पंचायती राज विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में बताया गया कि स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान 30 जनवरी से 13 फरवरी 2026 तक राज्यभर में चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, रोग से जुड़े सामाजिक भेदभाव को समाप्त करना तथा प्रभावित व्यक्तियों के आत्मसम्मान को सुनिश्चित करना है। वर्ष 2026 की थीम भेदभाव का अंत और आत्मसम्मान को सुनिश्चित करना निर्धारित की गयी है।

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि कुष्ठ रोग पूरी तरह उपचार योग्य है और समय पर पहचान एवं बहु-औषधि चिकित्सा से इसका पूर्ण इलाज संभव है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि अभियान के दौरान पंचायत से जिला स्तर तक समन्वित एवं प्रभावी जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित की जायें। 

उन्होंने कहा कि ग्राम सभाओं, प्रचार-प्रसार गतिविधियों, जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों तथा कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों की सहभागिता के माध्यम से समाज में फैली भ्रांतियों को दूर किया जाये और लोगों को सही जानकारी उपलब्ध करायी जाये।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि स्पर्श अभियान के साथ-साथ द्वितीय चरण कुष्ठ रोग खोज अभियान भी प्रस्तावित है, जो 9 मार्च से 23 मार्च 2026 तक चलेगा। इसके अंतर्गत उन चिन्हित गांवों एवं वार्डों में घर-घर सर्वेक्षण और संपूर्ण शारीरिक जांच की जाएगी, जहां पिछले 5 से 7 वर्षों में कुष्ठ रोग के मरीज पाये गये हैं।

बैठक के बाद क्षेत्रीय निदेशक डॉक्टर रवि शंकर ने बताया कि झारखंड देश का पहला राज्य है जहां GIS आधारित ग्रामवार कुष्ठ रोगियों का डेटा तैयार किया गया है। साथ ही राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 से कुष्ठ रोगियों को प्रति मरीज प्रतिमाह 500 पोषण सहायता तथा रोगियों के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों को चिकित्सीय जांच अवधि तक प्रति व्यक्ति प्रति माह 100 अवगमन सहायता प्रदान की जा रही है। बैठक के अंत में सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने की अपील की गयी।

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