हजारीबाग : सूर्यकुण्ड में श्रद्धालु लगा रहे आस्था की डुबकी

 

हजारीबाग के सूर्यकुंड में उमड़ा आस्था का सैलाब

15 दिवसीय मेले का हुआ भव्य शुभारंभ

एबीएन न्यूज नेटवर्क, हजारीबाग। हजारीबाग जिले के बरकट्ठा प्रखंड स्थित एशिया के सबसे गर्म सूर्यकुंड में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। तड़के चार बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें कुंड परिसर में देखने को मिलीं। मौके पर 15 दिवसीय सूर्यकुंड मेला का विधिवत उद्घाटन स्थानीय विधायक अमित कुमार यादव ने जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य लोगों के साथ सामूहिक रूप से किया।

श्रद्धालुओं ने सूरजकुंड में आस्था की डुबकी लगाई

मेला उद्घाटन के दौरान विधायक अमित कुमार यादव ने लोगों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सूर्यकुंड ऐतिहासिक और धार्मिक द्दष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। इसे पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। 

उन्होंने मेले में सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि केवल सीसीटीवी और सुरक्षाकर्मियों पर निर्भर नहीं रहा जा सकता, आम लोगों को भी सजग रहना होगा। साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। मकर संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालुओं ने सूरजकुंड में आस्था की डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना की।

मान्यता है कि भगवान श्री राम वनवास के दौरान यहां रुके थे तथा माता सीता के छठ व्रत के लिए लक्ष्मण ने अपने तीर से इस कुंड की स्थापना की थी। तभी से यहां अनवरत गर्म जलधारा प्रवाहित हो रही है। वैज्ञानिकों के अनुसार, गंधक की रासायनिक प्रतिक्रिया के कारण कुंड का पानी गर्म रहता है, जबकि लोक आस्था के अनुसार यहां स्नान और जल सेवन से कई रोग दूर होते हैं। यह भी मान्यता है कि कुंड में आंवला डालने से संतान प्राप्ति से जुड़ा संकेत मिलता है।

मेले को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का मानना है कि सूर्यकुंड के गर्म जल में नियमित स्नान करने और सीमित मात्रा में इसके जल का सेवन करने से चर्म रोग, अपच, गैस और पेट से जुड़ी बीमारियों में राहत मिलती है। इसी विश्वास के कारण यहां न सिर्फ मकर संक्रांति के दौरान, बल्कि पूरे वर्ष लोग स्नान के लिए आते रहते हैं। सूर्यकुंड को प्राकृतिक चिकित्सा का केंद्र भी माना जाता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां स्नान करने से शरीर और मन दोनों को शांति मिलती है। 

बरकट्ठा स्थित सूरजकुंड परिसर में कुल पांच कुंड - सूर्य कुंड, राम कुंड, सीता कुंड, लक्ष्मण कुंड और भरतकुंड मौजूद हैं। सभी कुंडों का तापमान अलग-अलग है। मुख्य सूर्यकुंड के जल का तापमान लगभग 88.8 डिग्री सेल्सियस रहता है, जो ठंड के मौसम में भी समान बना रहता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां नियमित स्नान से चर्म रोग समेत कई बीमारियों में लाभ मिलता है। 

देवघर श्रावणी मेला के बाद सूर्यकुंड मेला झारखंड का दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक मेला माना जाता है। हर वर्ष यहां झारखंड के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। मेले को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल है और प्रशासन द्वारा सुरक्षा व व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse