टीम एबीएन, रांची। कुरमाली भाषा परिषद, रांची ने मोरहाबादी मैदान में आयोजित टुसू महोत्सव में राज्यपाल संतोष गंगवार की गरिमामयी उपस्थिति से इस बार का टुसू महोत्सव और भी भव्य बनाया। राज्यपाल के आगमन से महोत्सव की रौनक बढ़ गयी और कार्यक्रम में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
वैसे तो केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची सांसद संजय सेठ, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, जमशेदपुर के पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो आदि भी महोत्सव में शामिल हुए। लेकिन महोत्सव में पहली बार राज्यपाल की उपस्थिति से महोत्सव में चार चांद लग गया।
मौके पर राज्यपाल श्री गंगवार ने कुरमाली भाषा एवं लोक संस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि टुसू पर्व झारखंड की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने ऐसी परंपराओं को संरक्षित और प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इस तरह का आयोजन करने के लिए कुरमाली भाषा परिषद परिवार बधाई के पात्र हैं।
महोत्सव के दौरान पारंपरिक टुसू गीत, नृत्य और लोक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं, जिन्हें दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कलाकार, समाजसेवी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कुरमाली भाषा परिषद के अध्यक्ष डॉ राजा राम महतो ने तहे दिल से राज्यपाल का सम्मान कर आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि झारखंड की राजधानी रांची शहर में टुसू महोत्सव आयोजित करने का श्रेय कुरमाली भाषा परिषद और परिषद के अध्यक्ष डॉ राजा राम महतो को जाता है। डॉ राजाराम महतो ने टुसू पर्व को गांव से शहर में लाने का कार्य किया। सबसे पहले झारखंड बनने के बाद बर्ष 2001 में रांची के के के कॉलोनी में कुरमाली भाषा परिषद के तत्वावधान में टुसू महोत्सव का अयोजन किया गया था।
बाद टुसू पर्व की पूर्व संध्या पर प्रति वर्ष मोरहाबादी मैदान में टुसू महोत्सव वृहत पैमाने पर मनाया जाता है। कुरमाली भाषा परिषद की ओर से महोत्सव में आने वाले टुसू दलों, कलाकारों और पीठा प्रतियोगिता में भाग लेने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित किया जाता रहा है।
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