टीम एबीएन, रांची। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, चौधरी बगान, हरित भवन के सामने हरमू रोड, रांची द्वारा लोहड़ी के अवसर पर एक आध्यात्मिक समारोह आयोजित किया गया। मौके पर राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने कहा ने कहा कि पंजाब में इस त्योहार को लोहड़ी के नाम से मनाया जाता है।
ऐसा माना जाता है कि एक देवी थी जिसका नाम लोहई थां इस देवी ने एक जालिम दैत्य को जलाकर भस्म कर दिया और लोगों को उसके प्रकोप से बचाया था तभी से लोग इसे लोहड़ी नाम से पुकारते हैं लोहड़ी शब्द का सम्बन्ध लौ अर्थात प्रकाश से अधिक लगता है। ज्ञान प्रकाश फैलने से अज्ञान अंधकार मिट जाता है।
कलियुगी रूपी रात में ज्ञान की लौ प्रज्वलित कर संसार में फैले अज्ञान अंधकार को समाप्त कर सद्गुणों और ज्ञान के प्रकाश से भरपूर कर देने का प्रतीक है लोहड़ी का त्योहार। हम सभी इसे खाने-खिलाने भर का त्योहार न मानें बल्कि इसमें समाये आध्यात्मिक रहस्यों को आत्मसात कर जीवन को महान बनाने का दृढ़ संकल्प लें।
उक्त जानकारी केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी निर्मला ने दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि नया युग आध्यात्मिक युग होगा। पवित्रता ही सुख शांति की जननी है। हर कीमत पर इसकी रक्षा करना अपना सर्वप्रथम कर्तव्य है।
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