टीम एबीएन, बोधगया। कोरोना महामारी ने एक बार फिर लोगों को खौफजदा कर दिया है। इसका असर अब मंदिरों पर भी पड़ने लगा है। महामारी की तीसरी लहर में सरकार के निर्देश के बाद से फिर भगवान और भक्त में दूरियां बढ़ गई है। गुरुवार से महाबोधि मंदिर में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावे बोधगया स्थित विभिन्न विदेशी बौद्ध मंदिरों में भी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर फिलहाल 21 जनवरी तक रोक लगायी गई है। सरकार के एहतियातन आदेश को देख बोधगया में विदेशी बौद्ध मंदिरों में मेडिटेशन और चैटिंग करना बंद हो गया है। हालांकि महाबोधि मंदिर में हर दिन की तरह सुबह 5 और शाम 6 बजे भिक्षुओं द्वारा सुत्तपाठ किया जाता रहेगा। इसमें थेरावाद व महायान परंपरा के बौद्ध भिक्षु व लामा होंगे। बीटीसी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक भगवान बुद्ध को अर्पित की जाने वाली खीर भी हर दिन सुबह 10 बजे चढ़ाई जाएगी और सुरक्षाकर्मियों सहित अन्य कर्मचारियों की मंदिर में आवाजाही लगी रहेगी। यह तीसरी बार होगी तो कोरोना के कारण महाबोधि मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर पूर्णतः रोक लगाई है। कोरोना महामारी के पहले फेज में पहली बार महाबोधि मंदिर को 22 मार्च 2020 को बंद कर दिया गया था। करीब 78 दिनों बाद 10 जून को श्रद्धालुओं के लिए मंदिर खोल गया। लेकिन फिर महामारी की रफ्तार बढ़ने के कारण 16 जुलाई से मंदिर बंद कर दिया गया था। जिसके बाद 21 सितंबर 2020 को मंदिर का पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोला गया था। महामारी के दूसरे लहर में एकबार फिर 202 दिन बाद 10 अप्रैल 2021 को महाबोधि मंदिर को बंद कर दिया गया। करीब 136 दिनों बाद 27 अगस्त 2021 को मंदिर आम श्रद्धालुओं के लिए खुला था। लेकिन तीसरी लहर को देखते हुए साढ़े चार माह बाद फिर मंदिर में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लग गई है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse