बिहार के ओबरा से धान काट कर लौट रहे थे हरिहरगंज दुर्घटना में मृत मजदूर

 

पांकी/पलामू (जीरो गांव से लौटकर संजय)। पांकी थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती रतनपुर पंचायत के ग्राम जीरो के तीन, होटाई पंचायत के ग्राम भंवरदह के एक और मनिका प्रखण्ड के ग्राम बरवैया के दो (कुल छह) लोगों की बीती रात हरिहरगंज में पिकअप और ट्रक की टक्कर में दर्दनाक मौत हो गई। वहीं कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका औरंगाबाद और मेदिनीनगर में इलाज चल रहा है। मृतकों में कमलेश भुइयां (30) पिता लल्लू भुइयां, रीता कुमारी (16) पिता सूर्यबिहारी सिंह, कालो कुमारी (18) पिता सुकुल भुइयां जीरो, बसंती कुमारी (16) पिता कुलदीप भुइयां भंवरदह और नीलम कुमारी, अर्पणा कुमारी बरवईया प्रखण्ड मनिका का नाम शामिल है। सभी मृतक भुइयां और परहिया जाति के हैं। घायल सूर्यबिहारी सिंह, सुकूल भुइयां, बबलू भुइयां, बिनोद भुइयां, बिजली भुइयां इलाजरत है। बताते चलें कि पांकी प्रखण्ड के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों मजदूर धान काटने डेहरी, सासाराम की ओर रुख करते हैं। प्रतिवर्ष अक्सर ऐसी घटनाएं देखने को मिलती है। प्रखण्ड मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर जीरो गांव स्थित है। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक कुशवाहा डॉ शशिभूषण मेहता शुक्रवार को पीएमसीएच मेदिनीनगर पहुंचे और घटना के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने सभी घायलों का बेहतर इलाज के लिए चिकित्सकों दिशा निर्देश दिए। कहा कि इलाज में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए। डॉ मेहता ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया।शनिवार को विधायक जीरो और भंवरदह गांव पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात की और ढाढ़स बंधाया।उन्होंने सभी मृतक के परिजनों को आर्थिक सहयोग किया। कहा कि परिजनों को एक एक लाख सरकारी सहायता दिलाई जाएगी। घटना की सूचना मिलते ही पांकी बीडीओ सह सीओ निर्भय कुमार और पांकी थाना प्रभारी अमित कुमार सोनी जीरो गांव पहुंच परिजनों को सरकारी सुविधा दिलाने का भरोसा दिया। बीडीओ ने मृतक के परिजनों को आर्थिक सहयोग किया। साथ ही चावल और पांच-पांच कंबल भी उपलब्ध कराया। कहा कि मृतक के परिजनों को सरकारी सहायता के रूप में एक-एक लाख की राशि सभी मृतक के परिजनों को दी जाएगी। घटना की जानकारी मिलने के बाद माले नेता बीएन सिंह भी जीरो गांव पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि प्रति वर्ष ऐसी घटनाएं होती है। सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।स्थानीय स्तर पर मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने में सरकार विफल साबित हो रही है। चतरा सांसद सुनील सिंह के निर्देश पर जिला सांसद प्रतिनिधि ललित मेहता और प्रखण्ड सांसद प्रतिनिधि सत्यप्रकाश पाण्डेय उर्फ चुनमुन पाण्डेय भी जीरो गांव पहुंचे और मृतक के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने भी मृतक के परिजनों को आर्थिक सहयोग दिया और घटना पर दुःख व्यक्त किया। शव पहुंचते ही परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। पूरे गांव में कोहराम मच गया। मृतक कमलेश अपने पीछे पत्नी सविता देवी सहित चार बेटियों को छोड़ गया। इन मासूम बच्चों को देख हर लोगों की आंखें नम हो गई।

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