एबीएन डेस्क। दुनिया की कुल आबादी में चीन का हिस्सा 20 फीसदी से भी कम है, लेकिन उसने अपने भंडारों में मक्के और दूसरे अनाजों के दुनिया की कुल पैदावार का लगभग आधा हिस्सा जमा कर रखा है। इसकी वजह से बाकी दुनिया को इन अनाजों की महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। चीन का सबसे बड़ा अनाज भंडार बंदरगाह शहर दालियान में है। इसका संचालन चीन की प्रमुख सरकार कंपनी कॉफको करती है। इस भंडार में देश-विदेश से खरीदे गए बीन्स और अनाज को रखा जाता है। यहां से रेल और जल मार्गों के जरिए अनाज पूरे चीन में भेजा जाता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस समय इस भंडार में अनाज की जितनी मात्रा है, उतनी पहले कभी नहीं थी। ये बात इस भंडार के प्रमुख चिन युयुन ने पिछले महीने स्वीकार की थी। चिन ने कहा था- इस समय भंडार में इतना गेहूं है, जिससे डेढ़ साल तक की मांग पूरी की जा सकती है। देश में खाद्य सामग्रियों की सप्लाई की कोई समस्या नहीं है। अमेरिका कृषि विभाग का अनुमान है कि 2022 की पहली छमाही में दुनिया के कुल मक्का भंडार का 69 फीसदी हिस्सा चीन में होगा। इसी तरह 60 प्रतिशत चावल और 51 प्रतिशत गेहूं चीन के भंडारों में मौजूद रहेगा। इस अनुमान के मुताबिक दस साल पहले चीन के भंडारों में जितना अनाज था, आज वह उससे 20 प्रतिशत ज्यादा है। चीन ने 2020 में 98.1 बिलियन डॉलर की खाद्य सामग्रियों का आयात किया। इसमें पेय सामग्रियां शामिल नहीं हैं। एक दशक पहले की तुलना में पिछले साल चीन ने अनाज का चार गुना अधिक आयात किया। चीन के कस्टम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस साल जनवरी से सितंबर के बीच चीन ने खाद्य सामग्रियों का 2016 के बाद का सबसे ज्यादा आयात किया। बीते पांच वर्षों में चीन ने सोयाबीन, मक्का और गेहूं का दो से लेकर 12 गुना तक ज्यादा आयात किया है। उसने ये खरीदारी अमेरिका, ब्राजील और दूसरे अनाज निर्यातक देशों से की है। चीन के बीफ, पोर्क, डेयरी और फल आयात में दो से लेकर पांच गुना तक बढ़ोतरी हुई है। इस बीच बाकी दुनिया में खाद्य पदार्थों की कीमत तेजी से चढ़ी है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन के आंकड़ों के मुताबिक बीते नवंबर में खाद्य मूल्य सूचकांक एक साल पहले की तुलना में 30 प्रतिशत ऊपर था। जापान के नेशनल रिसोर्स रिसर्च इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष अकियो शिबाता ने वेबसाइट निक्कई एशिया से कहा- चीन की जमाखोरी भी बढ़ती खाद्य महंगाई का एक कारण है। विश्लेषकों का कहना है कि चीन अधिक मात्रा में अनाज और दूसरी खाद्य सामग्रियों का इसलिए आयात कर रहा है, क्योंकि वहां उपभोग की बढ़ती मांग के मुताबिक पैदावार नहीं हो रही है। देश में आर्थिक विकास के साथ पोर्क और दूसरे पशु खाद्यों की मांग बढ़ी है। चीन के उपभोक्ता अब अच्छी क्वालिटी के विदेशी खाद्यों की मांग भी कर रहे हैँ। इस बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने खाद्य सुरक्षा को खास महत्त्व देने की नीति अपनाई है। इन सब कारणों ने चीन ने खाद्य आयात असामान्य रूप से बढ़ा दिया है।
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