रांची। देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती को भाजपा पूरे देश में सुशासन दिवस के रूप में मना रही है। इसी के तहत शुक्रवार को झारखंड भाजपा प्रदेश कार्यालय में अटल जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर भाजपा नेताओं द्वारा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर मुख्य रूप से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्य सभा सदस्य श्री दीपक प्रकाश जी के अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष यदुनाथ पांडे, भवनाथपुर विधायक भानु प्रताप शाही जी, सुबोध सिंह गुड्डू, सीमा शर्मा, सूर्यमणि सिंह, महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष आरती कुजूर, योगेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य नेताओं ने भी बाजपेई जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वहीं सुशासन दिवस पर झारखंड भाजपा युवा मोर्चा के द्वारा एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश उपस्थित थे। गोष्ठी को संबोधित करते हुए दीपक प्रकाश जी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी पूरे देश की जनता के दिलों पर राज करने वाले राजनेता रहे हैं। मरकर भी आज वे लोगों के दिलों में जिंदा हैं। देश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति का उत्थान और देश में सुशासन का सपना बाजपेई जी ने देखा था। कांग्रेस गरीबी हटाते-हटाते देश से गरीबों को ही मिटाने लगी। तब अटल जी ने देश के लिए जीना, देश के लिए मरना का संकल्प लिया। सरकार में आते ही अटल जी ने सुशासन की पहली लकीर खींची और आज देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसी लकीर को लंबा और ऐतिहासिक करने में जुटे हैं। जो समाज के सभी वर्गों के प्रति उत्तरदायित्व हो, उपयोगी हो उसी सुशासन की परिकल्पना आदरणीय अटल जी ने किया था। चाणक्य, सम्राट अशोक आदि ने लोकतांत्रिक व्यवस्था का ढांचा कैसा हो, इस पर विस्तार से उल्लेख और परिभाषित किया है। सुशासन भारतीय संस्कृति की परंपरा रही है। हम वाजपेई जी के संकल्प पथ पर ही चल कर सपनों का भारत बना सकते हैं। देश को समृद्धशाली के साथ शक्तिशाली बनाने का श्रेय आदरणीय अटल जी को जाता है। चाहे आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण की बात हो या प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की या फिर नदियों को नदियों से जोड़कर यातायात व्यवस्था को सुगम और कम खचीर्ला बनाने का, अटल जी ने विकास की अलग लकीर खींची। सर्व शिक्षा अभियान हो, संचार क्रांति हो, सॉफ्टवेयर तकनीक का लोहा मनवाने की बात हो, कहने का तात्पर्य है कि अटल जी ने हर मोर्चे पर अलग छाप छोड़ी है। चीन और पाकिस्तान को औकात दिखाने के अलावा अमेरिका की गलत नीतियों के आगे कभी उन्होंने घुटने नहीं टेके। झारखंड में जो बना था जब अटल जी झारखंड के सुदूरवर्ती इलाकों में शिक्षा का अलख कैसे जले इसको लेकर काफी चिंतित रहते थे। शिक्षा के प्रति जागरूक करने के संदर्भ में दिया गया "स्कूल चले हम" का नारा आज भी प्रासंगिक है।
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