हजारीबाग। होमगार्ड अभ्यर्थी संघ ने बुधवार को सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर अपनी व्यथा सुनाई। इस दौरान अभ्यर्थी संघ के अध्यक्ष रंकज सिंह, भूखहड़ताल के नेतृत्वकर्ता गौतम कुमार, उदय मेहता के साथ कृषि मंत्री बादल पत्रलेख और बड़कागांव की विधायक अंबा प्रसाद भी मौजूद थी। बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद ने होमगार्ड अभ्यर्थियों की पीड़ा से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। कहा कि हजारीबाग उपायुक्त बिना सोचे समझे होमगार्ड नियुक्ति को रद्द कर दिए है। इसलिए होमगार्ड अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर दो सप्ताह से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इनलोगो की मांगों पर गौर करना चाहिए। वहीं झारखंड के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने मुख्यमंत्री से कहा कि इस ठंड में भूख हड़ताल से होमगार्ड के एक दर्जन अभ्यर्थी अस्पताल में भर्ती हो चुके है। कई लोगों की हालत खराब है। वहीं उदय मेहता ने उपायुक्त द्वारा जारी प्रथम औपबंधिक सूची मुख्यमंत्री को सौंप कर होमगार्ड अभ्यर्थियों की समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। कहा कि होमगार्ड चयन प्रक्रिया में अध्यक्ष उपायुक्त हैं। प्रथम सूची अपनी ही अध्यक्षता में सर्वसम्मति से प्रकाशित किये। जब कुछ त्रुटि थी तो अकेले निर्णय लेकर रद्द क्यों किये? कमिटी के सर्वसम्मति से निर्णय नहीं लिया गया। उनकी बातों को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें मामले में उचित समाधान का आश्वासन दिया। इधर होमगार्ड अभ्यर्थियों का भूख हड़ताल 13वें दिन भी जारी रहा। भूख हड़ताल के समर्थन में पहुंचे राजद के जिला अध्यक्ष संजर मल्लिक ने कहा कि हमारी वार्ता श्रम व नियोजन मंत्री सत्यानंद भोक्ता से हुई है। वे समस्या का जल्द समाधान निकालकर अनशनकारियों का हड़ताल तोडवाएंगे।
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