जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर के उप-नगर आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित झारखंड की पहली सॉफ्Þटवेयर कंपनी आईटी साइंट आने वाले 5 वर्षों के भीतर अपने जमशेदपुर ब्रांच में करीब 2000 सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को बहाल करेगी। इस बहाली में जमशेदपुर समेत पूरे झारखंड के युवक-युवतियों को प्राथमिकता दी जायेगी। कंपनी चाहती है कि जमशेदपुर और आसपास के युवा इंजीनियर अपने क्षेत्र में ही रहकर नौकरी करें और झारखंड के विकास में अपनी भूमिका सुनिश्चित करें। यह जानकारी आईटी साइंट के फाउंडर और सीईओ अरुण कुमार गिरि ने खबर मन्त्र के साथ एक खास बातचीत में दी है। आईआईटी मुंबई के प्रोडक्ट अरुण कुमार गिरि अमेरिका में रहते हैं और वहां सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में एक जाना-माना चेहरा है। वर्तमान में आईटी साइंट के अमेरिका यूनिट में 300 लोग और जमशेदपुर यूनिट में 150 युवा इंजीनियर काम कर रहे हैं। जल्द ही यह कंपनी नोएडा एवं हैदराबाद में भी अपने ब्रांच खोलने जा रही है ताकि भारत में अपने कारोबार को गुणात्मक रुप से बढ़ा सके। सीइओ अरुण कुमार गिरि बताते हैं, आइटी साइंट का वर्तमान में सालाना टर्नओवर 210 करोड़ है जिसे अगले 5 सालों में बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपए सालाना करने का लक्ष्य रखा गया है। अकेले यूएस में कंपनी अपना रेवेन्यू 5 गुना बढ़ाना चाहती है। कारोबार को गुणात्मक रुप से बढ़ाने के लिए आइटी साइंट प्रबंधन नए लाइन आॅफ बिजनेस के क्षेत्र में भी हाथ आजमा रही है जिसमें काफी स्कोप है। सॉफ्टवेयर सर्विस के अलावा कंपनी प्रोडक्ट रेंज में हाथ अजमा रही है। स्कूल कॉलेज के लिए पाठम् नामक सॉफ्टवेयर प्रोडक्ट को लान्च किया है जिसे भारत के साथ-साथ अमेरिका में बहुत अच्छा शुरुआती रिस्पांस मिल रहा है। इसके अलावा टैलेंट हंट बिजनेस में भी कंपनी ने कदम रखा है। हाल ही में कंपनी ने बाबा सॉफ्टवेयर नामक इंटरप्राइज रिसोर्स सिस्टम (इआरपी) लान्च किया है जो लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए ओराकल एवं एसएपी के महंगे सफ्टवेयर की तुलना में कम लागत वाला किंतु ज्यादा सरल सफ्टवेयर है। इसके अलावा आईटी साइंट ने आॅनलाइन ट्यूटोरियल शुरू किया है इसके तहत जमशेदपुर के टीचर आॅनलाइन यूएस के स्कूली बच्चों को कोचिंग देते हैं। भविष्य की योजनाओं के बारे में आईटी साइंट के सीईओ अरुण कुमार गिरि ने बताया कि जमशेदपुर में इलेक्ट्रनिक्स कलस्टर एरिया में 3.3 एकड़ जमीन सरकार ने आईटी साइंट को उपलब्ध करा दिया है और इस पर दो ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। पहले ब्लक में 1000 सॉफ्टवेयर इंजीनियर के बैठने की व्यवस्था होगी जबकि दूसरे ब्लॉक में इतनी और सॉफ्टवेयर इंजीनियर के बैठने की व्यवस्था होगी यानी हमारा लक्ष्य झारखंड में ज्यादा से ज्यादा रोजगार उपलब्ध कराना है। गिरि बताते हैं कि हम एक ओर इंजीनियरिंग के छात्रों को प्रशिक्षित कर उन्हें इंडस्ट्री के लायक बनाएगे। हाल में ही हमने बीए कॉलेज आॅफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलोजी के साथ एक एमओयू किया है। प्रशिक्षण के बाद दूसरी ओर आइटी साइंट उन्हें रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करायेगी।
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