एबीएन डेस्क। भारत ने संयुक्त राष्ट्र को बताया है कि नए देसी टीके आने के साथ ही देश में उत्पादन क्षमता बढ़ाई जाएगी। साथ ही जोर दिया कि कच्चे माल की आपूर्ति शृंखलाएं खुली रहनी चाहिए ताकि दुनिया के हर कोने तक टीके पहुंच सकें। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा, भारत ने दुनियाभर के देशों को मेडिकल संबंधी सहायता और बाद में टीके उपलब्ध करवाए हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा में 2030 के एजेंडा की दिशा में संकट, रिकवरी में तेजी और लचीलापन विषय पर दूसरी समिति की आम चर्चा में तिरुमूर्ति ने कहा, हम ऐसे समय मिल रहे हैं, जब कोरोना संकट खत्म होता नहीं दिख रहा। कच्चे माल की वैश्विक आपूर्ति शृंखलाएं खुली रखने पर दिया जोर : लेकिन टीकों ने उम्मीद बनाई है कि हम परिस्थितियों को बदल सकते हैं। उन्होंने आगे कहा, जैसा हमारे पीएम नरेंद्र मोदी कह चुके हैं कि हम महामारी के खात्मे के लिए अन्य साझेदारों के साथ मिलकर काम करेंगे। इसके लिए कच्चे माल की आपूर्ति शृंखलाओं को खुला रखना होगा। गरीब देशों पर प्रतिकूल प्रभाव : तिरुमूर्ति ने महासभा में कहा, वैश्विक महामारी के कारण आई बाधा ने निम्न आय वाले देशों पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने महामारी के खिलाफ देरी से कदम उठाए लेकिन आखिरकार मिलकर समन्वय से काम शुरू किया। भारत का वसुधैव कुटुंबकम का सिद्धांत हमें बेहतर भविष्य के निर्माण का रास्ता दिखाएगा। तिरुमूर्ति ने बताया, भारत में व्यापक टीकाकरण में उसके डिजिटल प्लेटफॉर्म कोविन ने बड़ी मदद की है।
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