टीम एबीएन, रांची। झारखंड उच्च न्यायालय ने सोमवार को राज्य सरकार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार की एक महिला कैदी की मेडिकल बोर्ड रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जिसका जेल अधीक्षक ने कथित तौर पर यौन शोषण किया था।
मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ महिला कैदी का जेल में यौन शोषण किए जाने और उसके गर्भवती होने से संबंधित खबरों का स्वत: संज्ञान लेकर मामले की सुनवाई कर रही थी। पीठ ने रांची के न्यायिक आयुक्त को न्यायालय के आदेश पर न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की गयी जांच की रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक (कारागार) की ओर से एक हलफनामा दायर किया जिसे अदालत ने असंतोषजनक पाया। पीठ ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस मामले को हल्का करने की कोशिश कर रही है। अदालत ने पूछा कि अब तक कैदी की मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत क्यों नहीं की गई है। मामले की अगली सुनवाई 17 जून को होगी।
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