टीम एबीएन, रांची। नगर निगम क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था के लिए नगर विकास विभाग की ओर से शहरी नगर निकायों को सरकार नागरिक सुविधा मद में राशि मुहैया कराती है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में नागरिक सुविधा मद की राशि दिये जाने पर रांची नगर निगम ने भेदभाव का आरोप लगाया है। मेयर रोशनी खलखो ने मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री से इस पर पुनर्विचार करने की गुहार लगायी है।
रांची मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि सरकार की ओर से रांची नगर निगम (जिसमें 53 वार्ड है) को नागरिक सुविधा मद में सिर्फ एक करोड़ की राशि दी गयी है। जबकि चास (35 वार्ड) और गिरिडीह (36 वार्ड) को नागरिक सुविधा मद से 10 करोड़ की राशि दी गयी है।
रोशनी खलखो ने इसे पक्षपातपूर्ण बताते हुए कहा कि राजधानी का नगर निगम क्षेत्र पूरे राज्य के नगर निकायों के आईना होता है। राजधानी रांची की झलक आईने में तब चमकेगा जब आईना साफ होगा। 53 वार्ड में जनसुविधा बढ़ाने के लिए 1 करोड़ की राशि को कैसे खर्च करें, यह समझ से परे है।
मीडियाकर्मियों ने जब रांची के मेयर रोशनी खलखो से पूछा कि वह भाजपा से हैं, इसलिए रांची नगर निगम को जनसुविधा मद में गिरिडीह-चास से कम राशि मिली है। इस पर मेयर रोशनी खलखो ने कहा कि यह सवाल राज्य के मुखिया और नगर विकास मंत्री से करें।
उन्होंने कहा कि वह अपने नगर निगम क्षेत्र की जनता की सुविधा बढ़ाने के लिए जनसुविधा मद की राशि बढ़ाने का आग्रह सरकार से कर रही है। मेयर ने जेएमएम पर इशारों में तंज कसते हुए बोला कि असम और बंगाल की विधानसभा चुनाव में अपनी भागीदारी निभा ली, अब झारखंड और रांची के लिए सोचिये।
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