एबीएन सेंट्रल डेस्क। रेल यात्रियों को यात्रा के दौरान हादसे, अनहोनी घटनाओं अथवा सामान के नुकसान या चोरी आदि के मामलों में क्षतिपूर्ति के दावों के लिए इलेक्ट्रानिक सुविधा मिलेगी जिससे कोई यात्री ऐसे किसी भी मामले में रेलवे दावा न्यायाधिकरण (आसीटी) के समक्ष कहीं से भी दावा कर सकेगा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को यहां भारतीय रेलवे की प्रमुख योजना 52 हफ्तों में 52 सुधार के तहत सुधार संख्या तीन और चार क्रमश: रेलटेक नीति और रेलवे दावा न्यायाधिकरण (आसीटी) को पूरी तरह से डिजिटाइजेशन की करने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि ई- आरसीटी प्रणाली रेलवे दावा न्यायाधिकरण को पूरी तरह से कम्प्यूटर आधारित और डिजिट बनाएगी। यह देश में कहीं से भी तेज गति, ज्यादा पारदर्शी और आम लोगों के पहुंच योग्य बनाकर दावा फाइल करने, प्रक्रिया और न्यायिक निर्णय लेने की गति को बदल देगी।
उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में देश भर में 23 आरसीटी पीठ हैं और दावा फाइल करना अभी लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, खासकर उन यात्रियों के लिए जो किसी घटना के समय दूसरे राज्यों में यात्रा कर रहे हों। दावा फाइल करने के लिए सही क्षेत्राधिकार तय करना अक्सर एक बड़ा मुद्दा बन जाता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
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