टीम एबीएन, रांची। झारखंड के जमशेदपुर के मानगो, जुगसलाई, कपाली और आदित्यपुर में चुनाव प्रचार अब अंतिम दौर में है। शनिवार शाम के बाद प्रचार का शोर थम जायेगा, लेकिन राजनीतिक हलचल अंदरखाने जारी रहेगी। 23 फरवरी को होने वाले मतदान को लेकर प्रत्याशी और मतदाता दोनों ही असमंजस की स्थिति में हैं।
निर्वाचन नियमों के तहत शनिवार शाम से प्रचार बंद हो जायेगा। लाउडस्पीकर और जुलूस थम जाएंगे, लेकिन प्रत्याशियों की चिंता कम नहीं होगी। मतदान से पहले का यह समय उम्मीदवारों के लिए सबसे अहम माना जा रहा है। इस चुनाव में दो तरह की तस्वीरें सामने आ रही हैं। कुछ प्रत्याशी धनबल के सहारे चुनाव मैदान में हैं, तो कुछ सीमित संसाधनों के साथ विकास के मुद्दे पर वोट मांग रहे हैं। मोहल्लों में दोनों ही तरह के उम्मीदवार सक्रिय हैं।
कई वार्डों में एक ही समाज या परिवार के कई लोग चुनाव लड़ रहे हैं। इससे मतदाता उलझन में हैं कि किसे समर्थन दें। एक ही वार्ड में तीन-चार प्रत्याशी होने से मुकाबला दिलचस्प और जटिल हो गया है। संभावित विवाद या तनाव से बचने के लिए कुछ लोगों ने मतदान के दिन शहर से बाहर रहने का फैसला किया है। उनका मानना है कि इससे किसी पक्ष का दबाव नहीं झेलना पड़ेगा।
प्रशासनिक गड़बड़ी के कारण कुछ परिवारों के सदस्यों के नाम अलग-अलग वार्डों में दर्ज हैं। इससे स्थिति और उलझ गई है। एक ही घर पर अलग-अलग वार्डों के प्रत्याशी वोट मांगने पहुंच रहे हैं। इन सबके बीच आम मतदाता चुनावी वादों और दावों के बीच खुद को असमंजस में महसूस कर रहा है। अब देखना है कि 23 फरवरी को मतदाता किसके पक्ष में फैसला सुनाते हैं।
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