एबीएन सेंट्रल डेस्क (नई दिल्ली)। केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत आम बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने कहा कि बजट में 500 अमृत सरोवर, समुद्री तट क्षेत्रों में मछली पालन को मजबूत, पशुपालन क्षेत्र में उद्यमिता की सहायता करना अच्छा कदम है। फसल विविधीकरण योजना में उच्च मूल्य वाली खेती नारियल, काजू, कोको, चंदन जैसी फसलों को बढ़ावा देना, साथ ही ग्रामीण महिला समूहों को सशक्त बनाने ई मार्ट की स्थापना अच्छा कदम है। आई सी ए आर के माध्यम से किसानों को जानकारी देने के लिए विस्तार योजना के बारे में विस्तार से देखना पड़ेगा।
मोहिनी मोहन मिश्र ने आगे कहा कि छोटे किसानों की समस्याएं, कृषि यंत्रों पर जीएसटी अधिक होना, किसान सम्मान निधि जैसी योजना को बढ़ावा न देना, केसीसी कार्ड की 5 लाख सीमा बढ़ाने की घोषणा करने के बावजूद उसका क्रियान्वयन न होना, प्राकृतिक खेती का लक्ष्य घोषणा करने के बाद भी प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को डीबीटी के माध्यम से अपना जैविक खाद बनाने को प्रोत्साहन न देना चिंता का विषय है। प्राकृतिक खेती के समर्थन में देशभर में सारी फसलों में रसायन की मात्रा के स्तर की जांच और उसे रोकने के लिए बजट में ध्यान रखने कोई योजना नहीं है। कुल मिलाकर जो सरकार कहती है वो बजट में नहीं दिख रहा है।
इसलिए भारतीय किसान संघ का कहना है कि कुछ विषय किसान हितैषी है। किसान संघ की मांग है कि बजट चर्चा के समय समग्र किसान परिवार के हित को ध्यान में रखते हुए सरकार और विपक्ष सकारात्मक चर्चा करते हुए किसान हितैषी मांगों को शामिल कर बजट में संशोधन करें यह किसान संघ की अपेक्षा है। ये भारत सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में विकास के लिए उठाए जा रहे कुछ महत्वपूर्ण कदम हैं।
इन कदमों का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, कृषि क्षेत्र में विकास करना, और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सशक्त बनाना है। उक्त जानकारी भारतीय किसान संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख प्रकाश कुमार सिंह और भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने दी।
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