एबीएन सेंट्रल डेस्क। चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 11 जनवरी तक भारत सरकार ने डायरेक्ट टैक्स से 18.38 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का शुद्ध कलेक्शन किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 8.82 फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाता है। आयकर विभाग ने सोमवार को यह जानकारी दी।
इस कलेक्शन में कॉर्पोरेट टैक्स और पर्सनल इनकम टैक्स दोनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप के टैरिफ के बीच यह बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट से पहले यह आंकड़ा काफी अहम है। यह सरकार के लिए वित्तीय रूप से काफी गुंजाइश छोड़ेगा।
आयकर विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल, 2025 से 11 जनवरी, 2026 तक कॉर्पोरेट टैक्स से 8.63 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कलेक्शन हुआ। वहीं, व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवारों जैसे गैर-कॉर्पोरेट स्रोतों से 9.30 लाख करोड़ रुपये का कलेक्शन किया गया। इसके अतिरिक्त, सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) से इस अवधि में 44,867 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
यह भी उल्लेखनीय है कि इस दौरान टैक्स रिफंड में 17 फीसदी की कमी आयी है, जो पिछले साल की तुलना में घटकर 3.12 लाख करोड़ रुपये रह गया है। कुल मिलाकर, सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह 11 जनवरी तक 4.14 फीसदी बढ़कर लगभग 21.50 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य 25.20 लाख करोड़ रुपये तय किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 12.7 फीसदी ज्यादा है। सरकार का अनुमान है कि वह एसटीटी से 78,000 करोड़ रुपये जुटायेगी। यह आंकड़े देश की आर्थिक गतिविधियों और टैक्स अनुपालन में सुधार का संकेत देते हैं।
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