टीम एबीएन, रांची/ चतरा। रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस सोमवार शाम चतरा जिले के सिमरिया में क्रैश हो गई। विमान का संपर्क टेकऑफ के कुछ देर बाद ATC से टूट गया था। एयरपोर्ट निदेशक ने हादसे की पुष्टि की है। फिलहाल स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें जंगलों में राहत कार्य में जुटी हैं।
रांची एयरपोर्ट के निदेशक ने पुष्टि की है कि एयर एम्बुलेंस चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत करमाटांड़ गांव के पास स्थित घने जंगलों में क्रैश हो गई है।
विमान ने रांची एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए टेकऑफ किया था, लेकिन रास्ते में ही उसका संपर्क रडार से टूट गया। एयर एंबुलेंस फ्लाइट दोपहर 1:37 बजे रवाना हुई थी। फ्लाइट का दिल्ली पहुंचने का निर्धारित समय शाम 4:30 बजे बताया जा रहा था।
चतरा के एसपी सुमित अग्रवाल ने बताया कि ग्रामीणों से सूचना मिली है और पुलिस टीम मौके के लिए रवाना हो चुकी है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर पहुंचने के बाद ही स्थिति की स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी। घटनास्थल घने जंगल से घिरा इलाका बताया जा रहा है, जहां पहुंचना चुनौतीपूर्ण है।
जानकारी के अनुसार, यह एक मेडिकल फ्लाइट थी जो एक गंभीर मरीज को लेकर दिल्ली जा रही थी। विमान में कुल 7 लोग सवार थे। इनमें 01 मरीज, 01 डॉक्टर और 01 पैरामेडिक, 02 अटेंडेंट (मरीज के परिजन), 01 मुख्य पायलट (PIC) और 01 को-पायलट शामिल था।
टीम एबीएन, रांची। रांची से मरीज समेत 7 लोगों को लेकर दिल्ली जा रही रेड बर्ड की एयर एंबुलेंस रडार से हुई गायब। रांची से शाम 7 बजे उड़ान भरते ही कुछ देर के बाद लापता हुआ विमान।
रांची एयरपोर्ट पर सर्च अभियान शुरू किया गया।इस बीच ही चतरा के ख़ासियतु में एम्बुलेंस के क्रैश होने की खबर सामने आई है। हालांकि नुकसान की जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। भाजपा समर्थित नगर परिषद के अध्यक्ष पद उम्मीदवार अनिल उराँव ने कहा कि आज लोहरदगा नगर चुनाव उत्सव में नगर की जनता अपनी सहभागिता बढ़ चढ़कर निभाई, जिसका नतीजा यह हुआ कि पिछली सारी रिकार्ड तोड़ते हुए अप्रत्याशित मतदान हुआ और मुझे यकीन है कि लोहरदगा नगर की जनता का भरपूर प्यार भी मुझे मिला है। आशा है आगामी 27 तारीख को पूरा लोहरदगा ज़िला केशरियामय हो जायेगा और आप सभी अपनी विजयी जुलूस में शामिल होंगे।
आप सभी के प्यार ने हमारे जीवन को जो ऊर्जा दी है, वह मेरे जीवन का संबल बन सदैव हमारे साथ रहेगी और लोहरदगा नगर की विकास का लड़ाई लड़ने के लिये सदैव तत्त्पर रहने की प्रेरणा और ऊर्जा का काम करेगा, यह मेरे जीवन को आगे ले जाने में सदैव सम्बल बनकर रहेगी, आप सभी का मिले भरपूर और हृदय से प्यार तथा आशीर्वाद को मैं अपने जीवनभर सदैव संभालकर रखूंगा।
प्रत्याशी अनिल उराँव तथा विश्व हिंदू परिषद जिलाध्यक्ष रितेश कुमार ने लोहरदगा नगर की सम्पूर्ण सरना सनातन भाई, बन्धु, माताएँ, बहनो एवं नगर वासियों को अपने अंतर्मन से धन्यवाद दिया। साथ ही साथ नगर की जनता को सादर नमन किया।
टीम एबीएन, रांची। वोटिंग की प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में लोग समय पूरा होने से पहले तक वोट करके उत्साहित दिखे।
टीम एबीएन, रांची। वार्ड नंबर 16 के सबसे सेंसिटिव बूथ पर एसडीएम खुद संभालते दिखे मोर्चा, कर्बला चौक बूथ पर 5 बजे एसडीएम ने खुद बंद कराया गेट। मतदान के बाद 27 फरवरी को वोटों की गिनती की जायेगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड नगर निकाय चुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। राज्य के 48 नगर निकाय क्षेत्रों में 43 लाख 33 हजार 574 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। खास बात यह है कि इस बार का चुनाव गैर दलीय आधार पर हो रहा है। हालांकि, सभी पार्टियों ने किसी न किसी उम्मीदवार को अपना समर्थन जरूर देंगे।
आज सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग होगी।जिसमें कुल 43 लाख 33 हजार 574 मतदाता अपने वोट डालेंगे। जिसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 22 लाख 07 हजार 203 है जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 21 लाख 26 हजार 227 है, थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 144 है। खास बात ये भी है इस चुनाव को बैलेट पेपर के माध्यम से कराई जा रही है, मेयर के लिए गुलाबी और पार्षद के लिए सफेद रंग का बैलेट पेपर रखा गया है।
कई बूथों में काफी उत्साह के साथ लोग पहुंच रहे हैं तो कई बूथों पर से लोग नाराजगी के साथ लौट रहें हैं। वजह इस बार की निकाय चुनाव में बूथ एवं वार्ड संख्या बदल जाने के कारण, साथ ही लोगों कहना है कि हम जिन्हें 20,25 वर्षो से जिस पार्षद को जान रहें हैं, आज उनका वार्ड संख्या बदल गया है।
झारखण्ड में कुल 48 नगर निकाय हैं, जिसमें 09 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत शामिल हैं।जहां एक ही दिन में बैलेट पेपर के जरिए वोटिंग कराई जा रही है।इस चुनाव में 1087 वार्डों के 4304 बूथों पर मतदान हो रहा है। इस चुनाव में नोटा का इस्तेमाल नहीं किया जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। जिले के एटीइआई बिल्डिंग में लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लेते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने अपना मतदान किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील की कि वे अवश्य अपने मताधिकार का प्रयोग करें।
राज्यपाल ने कहा कि मतदाता यह स्वयं तय करें कि किसे वोट देना है, लेकिन स्थानीय नगर निकायों में मतदान करके यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम ऐसे प्रतिनिधियों का चुनाव करें जो हमारे क्षेत्र और प्रदेश के विकास और भलाई की चिंता करें।
टीम एबीएन, रांची। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए झारखंड का बजट मंगलवार 24 फरवरी को झारखंड विधानसभा में पेश किया जायेगा। हालांकि बजट कैसा होगा, कितने का होगा और किन किन सेक्टर पर फोकस होगा। यह जानने की उत्कंठा हर किसी में बनी रहती है तो सरकार की ओर से इसे सदन के समक्ष प्रस्तुत करने तक पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है। इस सबके बीच आर्थिक मामलों और बजट के जानकार यह अनुमान लगा लेते हैं कि इस बार का बजट आकार क्या होगा और पिछले वित्तीय वर्ष में आर्थिक मामलों में झारखंड का प्रदर्शन कैसा रहा है।
कांग्रेस के नेता और आर्थिक मामलों के जानकार सूर्यकांत शुक्ला ने बताया कि इस बार राज्य का बजट एक लाख इकसठ हजार पांच सौ करोड़ का हो सकता है। सूर्यकांत शुक्ला ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट राज्य के विकास, रोजगार, कर्ज प्रबंधन और जीडीपी के संबंध में आनेवाले बजट को समझना आसान बनाता है। क्योंकि उन्होंने सदन में पेश किए गए झारखंड में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट और पिछले तीन वर्षों के बजट से जुड़े तमाम पहलुओं का गहन अध्ययन के बाद ही ऐसा अनुमान लगा पा रहे हैं।
सूर्यकांत शुक्ला राज्य की आर्थिक स्थिति को देश के कई राज्यों से बेहतर बताते हुए कहा कि झारखंड अपने व्यय अनुशासन, कुशल कर्ज प्रबंधन और वित्तीय विवेक से राजकोषीय क्षमता का वर्धन कर रहा है। झारखंड में जीडीपी ग्रोथ के साथ साथ रोजगार भी सृजन की बात बताते हुए सूर्यकांत शुक्ला ने कहा कि पीरियॉडिक लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट का जो डेटा सांख्यिकी मंत्रालय ने 10 फरवरी 2026 को जारी किया उसके अनुसार गुजरात और कर्नाटक के बाद झारखंड देश का तीसरा सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्य है।
झारखंड में बेरोजगारी की दर 3.2% रही है, जबकि कर्ज और जीएसडीपी अनुपात में भी गिरावट आई है और यह 25.3%की अच्छी स्थिति में आ गया है जो पहले 27.5% था। झारखंड के हर वर्ष के बजट और रेवेन्यू रिसीट पर नजदीकी नजर रखने वाले सूर्यकांत शुक्ला ने कहा कि ब्याज बोझ बहुत ही कम यानी रेवेन्यू रिसिप्ट के मुकाबले 06% है। इसका मतलब यह हुआ कि झारखंड में उधारी सर्विसिंग की लागत भी बहुत किफायती है।
वित्तीय और बजटीय मामले में राज्य की कई अच्छाई बताने के साथ-साथ बातचीत में सूर्यकांत शुक्ला बजट कुछ वैसे आंकड़ों को रेखांकित कर चिंता जताते हैं। उन्होंने कहा कि अभी-भी राज्य के राजस्व का 51% भाग बाह्य सोर्स से आता है राज्य का अपना सोर्स रेवेन्यू में 49% का ही योगदान कर पाता है। उन्होंने कहा कि राज्य अपने बजट में नन टैक्स रेवेन्यू संग्रहण के लिए बजट के अनुमानों से वास्तविक संग्रह 20-22% तक कम रह जाता है।
सूर्यकांत शुक्ला के अनुसार वर्ष 2021-22 में 13500 करोड़ का राजस्व संग्रहण का अनुमान था लेकिन संग्रह हुआ मात्र 3470 करोड़(अनुमान से 26% कम)। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2022-23 में 13762 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह का अनुमान था लेकिन वास्तविक संग्रहण 12830 करोड़ रुपये (अनुमान से 07% कम) का हुआ।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में स्टेट का अपना नन टैक्स रेवेन्यू जेनरेट के लिए लक्ष्य 17259 करोड़ का लक्ष्य रखा गया था लेकिन वास्तविक राजस्व संग्रह 13425 करोड़ (सामान्य से 22% कम) हुआ। वित्तीय वर्ष 2024-25 में लक्ष्य 19300 करोड़ का था लेकिन वास्तविक राजस्व संग्रहण 14231 करोड़ होने का ही अनुमान है यानी लक्ष्य से 26% कम।
सूर्यकांत शुक्ला बताते हैं कि राज्य में अच्छे वित्तीय प्रबंधन के बावजूद ये आंकड़ें इस ओर इशारा करते हैं कि या तो हम स्टेट में राजस्व संग्रहण का अनुमानित आंकड़ा काफी बढ़ा कर रखते हैं या तंत्र की कमजोरियों से हम राजस्व वसूली में पिछड़ जाते हैं। क्रेडिट डिपोजिट रेशियो मानक से काफी कम है। उन्होंने बताया कि राज्य में अगर कैपेक्स, वेलफेयर और स्थापना खर्च में अच्छा संतुलन कायम रख पाएं तो झारखंड की राजकोषीय सुदृढ़ता और बेहतर हो सकेगा।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse